उदयपुरवाटी से चोरी हुआ एक महंगे डंपर को पुलिस ने महज़ कुछ ही घंटों के भीतर हरियाणा के मनसर इलाके से बरामद कर लिया। करीब 80 लाख रुपये कीमत के इस भारी वाहन की बरामदगी के लिए पुलिस को दो राज्यों में फैले लगभग 200 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड ऑपरेशन को अंजाम देना पड़ा। हालांकि, इस दौरान वाहन चुराने वाले आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश अब भी जारी है।
आधी रात की वारदात से मचा हड़कंप
घटना उदयपुरवाटी क्षेत्र की है, जहां देर रात अज्ञात चोरों ने पार्किंग में खड़े एक भारी डंपर को चुरा लिया। जब वाहन मालिकों को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना देरी किए स्थानीय पुलिस को सूचना दी। डंपर की कीमत और उसके महत्व को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी।
सौभाग्य से, डंपर में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा हुआ था, जो इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। जैसे ही चोरी की सूचना मिली, पुलिस ने जीपीएस के जरिए वाहन की लोकेशन ट्रैक करनी शुरू कर दी।
जीपीएस बना पुलिस का सबसे बड़ा हथियार
चोर डंपर को लेकर हाईवे की ओर निकल चुके थे। कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसकर्मी लाइव लोकेशन पर लगातार नजर बनाए हुए थे। जीपीएस से मिल रहे हर सिग्नल के आधार पर अलग-अलग पुलिस टीमों को अलर्ट किया गया और संभावित रास्तों पर नाकेबंदी की तैयारी की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चोरों ने वाहन को तेज़ रफ्तार से राजस्थान की सीमा पार कर हरियाणा की ओर बढ़ाया। पुलिस ने सीधे आमने-सामने पीछा करने के बजाय रणनीतिक दूरी बनाए रखी, ताकि आरोपी किसी तरह का जोखिम भरा कदम न उठाएं या वाहन को नुकसान न पहुंचा सकें।
200 किलोमीटर लंबा रोमांचक पीछा
करीब 200 किलोमीटर तक चला यह पीछा कई जिलों और राज्यों से होकर गुज़रा। जीपीएस से मिल रहे रियल-टाइम अपडेट के आधार पर पुलिस लगातार अपनी रणनीति बदलती रही। हर टोल प्लाजा और मुख्य चौराहों पर संबंधित पुलिस इकाइयों को सतर्क कर दिया गया था।
जैसे ही डंपर हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र मनसर के पास पहुंचा, चोरों को अंदेशा हो गया कि पुलिस उन्हें चारों तरफ से घेर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खुद को फंसता देख आरोपियों ने सुनसान इलाके में डंपर को छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
जब पुलिस टीम वहां पहुंची, तब तक आरोपी भाग चुके थे, लेकिन वाहन पूरी तरह सुरक्षित हालत में बरामद कर लिया गया।
वाहन सुरक्षित, आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने 80 लाख रुपये कीमत के इस डंपर को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वाहन को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी के दौरान या भागने की कोशिश में किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की गई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,
“इस मामले में तकनीक की भूमिका बेहद अहम रही। अगर डंपर में जीपीएस सिस्टम नहीं होता, तो इतने बड़े वाहन को इतनी जल्दी ढूंढ पाना मुश्किल हो जाता। जीपीएस की मदद से हम लगातार दबाव बनाए रख सके और वाहन को किसी सुनसान जगह या कटाई-कबाड़ी के अड्डे तक पहुंचने से पहले ही बरामद कर लिया।”
सीसीटीवी और टोल प्लाजा फुटेज खंगाल रही पुलिस
उदयपुरवाटी पुलिस ने मामले में औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस की टीमें उन लोगों की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्होंने इस चोरी को अंजाम दिया। इसके लिए रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज के जरिए आरोपियों के हुलिए, उनकी संख्या और इस्तेमाल किए गए रास्तों के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस चोरी के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ तो नहीं है।
वाहन मालिकों को दी गई अहम सलाह
Udaipurwati Dump Truck Theft Recovery इस घटना के बाद पुलिस ने भारी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण जैसे जीपीएस ट्रैकिंग, अलार्म सिस्टम और अतिरिक्त लॉकिंग मैकेनिज्म जरूर लगवाएं। इससे चोरी की स्थिति में न केवल वाहन को जल्दी ट्रेस किया जा सकता है, बल्कि अपराधियों तक पहुंचना भी आसान हो जाता है।









