राजस्थान के झुंझुनूं जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल उदयपुरवाटी में इन दिनों चल रहे पारंपरिक मेले का उत्साह इस सप्ताह उस समय फीका पड़ गया, जब भीड़ का फायदा उठाकर सक्रिय एक चेन स्नेचिंग गिरोह ने महिला श्रद्धालुओं को निशाना बना लिया। मेले में उमड़ी भारी भीड़ और धार्मिक आस्था के माहौल के बीच हुई इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय पुलिस के अनुसार, अब तक कम से कम दो महिलाओं ने आधिकारिक रूप से थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दोनों ही मामलों में सोने की चेन चोरी होने की बात सामने आई है। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्हें तब तक इस घटना का एहसास नहीं हुआ, जब तक आरोपी भीड़ में गुम नहीं हो चुके थे।
भीड़ में घुल-मिलकर वार
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं, बल्कि संगठित तरीके से काम करने वाले गिरोह की करतूत हो सकती है। मेले में हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसी भारी भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी पहले लोगों के बीच घुल-मिल जाते हैं और फिर मौका देखकर वार करते हैं।
जांच अधिकारियों का मानना है कि गिरोह “धक्का-मुक्की” और भीड़ के दबाव की स्थिति का लाभ उठाता है। जब लोग लाइन में आगे बढ़ने या भीड़ से निकलने की कोशिश कर रहे होते हैं, उसी समय चेन खींचकर आरोपी फौरन दूसरी दिशा में निकल जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को इतनी सफाई से अंजाम दिया जाता है कि पीड़ित को तुरंत पता भी नहीं चलता।
दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज
स्थानीय थाने में दर्ज दोनों शिकायतों में लगभग एक जैसी परिस्थितियों का जिक्र है। दोनों महिलाओं ने बताया कि वे धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। भीड़ ज्यादा होने के कारण वे अन्य श्रद्धालुओं के साथ आगे बढ़ रही थीं। कुछ देर बाद जब उन्होंने अपने गले में हाथ लगाया, तो चेन गायब थी।
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हालांकि मेले के हर कोने में कैमरे नहीं हैं, फिर भी उपलब्ध वीडियो सामग्री से संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी जवानों को तैनात किया गया है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने मेला आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजामों पर भी चर्चा की है। प्रवेश और निकास द्वारों पर चौकसी बढ़ाई गई है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि धक्का-मुक्की की स्थिति कम हो सके।
श्रद्धालुओं से अपील
पुलिस प्रशासन ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि धार्मिक आयोजनों में अक्सर जेबकतरे और चेन स्नेचिंग करने वाले गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
प्रशासन की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि:
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में महंगे आभूषण पहनने से बचें।
- लाइन में खड़े रहते समय अपने आसपास खड़े लोगों पर नजर रखें।
- यदि कोई व्यक्ति अनावश्यक रूप से बहुत करीब खड़ा हो, तो सतर्क हो जाएं।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को दें।
पुलिस का मानना है कि आम लोगों की सतर्कता से ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। कई बार छोटी सी लापरवाही बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है।
मेले की रौनक बरकरार
हालांकि इन घटनाओं से मेले की छवि को थोड़ी ठेस जरूर पहुंची है, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है। दूर-दराज के गांवों और शहरों से लोग आस्था के साथ यहां पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मेले की परंपरा और धार्मिक महत्व को देखते हुए सुरक्षा में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
Two women’s gold chains across अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शेष दिनों में और अधिक पुलिस बल तैनात किया जाएगा। साथ ही, संभावित गिरोह के सदस्यों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।









