Collision with stray bull in Barau: Bike rider dies, companion critical

Collision with stray bull in Barau: Bike rider dies, companion critical

खेतड़ी नगर के बड़ाऊ इलाके में देर रात हुआ एक सड़क हादसा एक परिवार की खुशियां छीन ले गया। आवारा पशुओं की समस्या को लेकर लंबे समय से उठती रही चिंताओं के बीच एक बार फिर वही डरावना सच सामने आया—सड़क पर अचानक आए एक सांड से टकराकर एक युवा बाइक सवार की जान चली गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

रात का सफर, अचानक सामने आया सांड

मिली जानकारी के अनुसार दोनों युवक मोटरसाइकिल से बड़ाऊ मार्ग से गुजर रहे थे। समय देर रात का था। ग्रामीण सड़कों पर इस वक्त रोशनी सीमित रहती है और सामने क्या है, इसका अंदाजा लगाना कई बार मुश्किल हो जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तभी अचानक एक सांड सड़क के बीच आ गया। सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि चालक को संभलने या रास्ता बदलने का मौका ही नहीं मिला।

टक्कर जबरदस्त थी। बाइक का संतुलन बिगड़ा और दोनों युवक दूर जा गिरे। हादसे की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे लोग तुरंत मौके की तरफ दौड़े।

मदद की कोशिश, लेकिन एक जान नहीं बची

राहगीरों ने बिना देर किए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने घायलों को संभालने की कोशिश की, मगर चोटें गंभीर थीं। जब तक चिकित्सकीय सहायता मिलती, तब तक एक युवक की हालत बिगड़ चुकी थी। अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन बताया जा रहा है कि उसने इलाज मिलने से पहले ही दम तोड़ दिया।

दूसरे युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। परिवार के लोग अस्पताल में डटे हैं और हर छोटी-बड़ी जानकारी जानने की कोशिश कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि चोटें गहरी हैं, इसलिए कुछ समय तक निगरानी बेहद जरूरी है।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे की सूचना मिलते ही खेतड़ी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल को हटाया गया और सड़क पर यातायात सामान्य करने की कोशिश की गई। मृतक के शव को पोस्ट-मार्टम के लिए भिजवाया गया है। कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

पुलिस का कहना है कि यह दुर्घटना अचानक सामने आए पशु की वजह से हुई प्रतीत होती है, लेकिन पूरे घटनाक्रम की औपचारिक जांच की जा रही है। आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की गई है ताकि घटना का सही क्रम समझा जा सके।

फिर उठे वही सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर स्थानीय लोगों की उस चिंता को जिंदा कर दिया है, जो वे लंबे समय से जताते आ रहे हैं। खेतड़ी नगर और आसपास के ग्रामीण रास्तों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी नई बात नहीं है। खासकर रात में जब रोशनी कम होती है, तो दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

कई नियमित यात्रियों का कहना है कि वे रोज इस जोखिम के साथ सफर करते हैं। अचानक सड़क पर बैठी गाय, घूमता सांड या झुंड में खड़े मवेशी—इनसे बचना कई बार संभव नहीं होता। लोगों का सवाल है कि आखिर इन पशुओं के प्रबंधन को लेकर ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक युवक के घर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों को यकीन नहीं हो पा रहा कि जो बेटा रात को घर से निकला था, वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा। रिश्तेदार और जानने वाले सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस क्षति की भरपाई कोई नहीं कर सकता।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, फिर भी समाधान की दिशा में बड़ी कार्रवाई नजर नहीं आती। हर हादसे के बाद कुछ दिन चर्चा होती है, फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है।

सड़क सुरक्षा पर बहस तेज

इस दुर्घटना के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा फिर से गर्म हो गई है। लोग मानते हैं कि प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित विभागों को मिलकर आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी हल निकालना होगा। केवल चेतावनी बोर्ड या अस्थायी इंतजाम काफी नहीं हैं।

विशेषज्ञों का भी कहना है कि ग्रामीण सड़कों पर बेहतर रोशनी, नियमित गश्त और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था हादसों को कम कर सकती है।

इंतजार कार्रवाई का

Tragic accident in Barau of Khetri Nagar फिलहाल पुलिस अपनी प्रक्रिया में जुटी है और घायल युवक के स्वस्थ होने की दुआ की जा रही है। लेकिन बड़ाऊ का यह हादसा लोगों के मन में कई सवाल छोड़ गया है। क्या यह मौत टाली जा सकती थी? क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा?

Scroll to Top