चिड़ावा पुलिस ने एक बड़ी और चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए उस फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने कुछ समय पहले ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला किया था। सुनील यादव, जो पुलिस रिकॉर्ड में एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है, आखिरकार कानून की गिरफ्त में आ गया है। उस पर ट्रैफिक पुलिस को बोलेरो कैंपर से कुचलने की कोशिश करने के मामले में ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने न केवल एक लंबे समय से चल रही तलाश को खत्म किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि वर्दीधारी जवानों पर हमला करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।
दिनदहाड़े हुआ था दुस्साहसिक हमला
पूरा मामला उस वक्त सामने आया था, जब ट्रैफिक पुलिस के जवान सड़क पर अपने नियमित कर्तव्य का पालन कर रहे थे। इसी दौरान सुनील यादव ने कथित तौर पर बोलेरो कैंपर को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की। यह हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि मौके पर मौजूद जवानों की जान पर बन आई।
दिनदहाड़े कानून के रक्षकों पर हुए इस हमले ने पूरे पुलिस महकमे को सतर्क कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को हाई-प्रायोरिटी टारगेट घोषित किया गया और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास शुरू किए गए।
इनामी घोषित होते ही तेज हुई तलाश
हमले के बाद से ही सुनील यादव फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी रखी। आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए प्रशासन ने उस पर ₹5,000 का इनाम घोषित किया, ताकि आम लोग भी सूचना देने के लिए आगे आएं।
लंबे समय तक गिरफ्तारी न हो पाने के कारण यह मामला जिला प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया था। ऐसे में चिड़ावा पुलिस की यह सफलता एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
अपराध की दुनिया में पुराना नाम
सुनील यादव कोई नया अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। क्षेत्र में उसकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में रही है, जो कानून से टकराने से नहीं हिचकता।
जांच अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से न केवल ट्रैफिक पुलिस पर हुए हमले की गुत्थी सुलझेगी, बल्कि अन्य लंबित मामलों और स्थानीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग भी मिल सकते हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने शरण दी और कौन उसकी मदद कर रहा था।
सटीक सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी एक विशेष सूचना के आधार पर की गई। चिड़ावा पुलिस टीम ने पूरी सतर्कता और रणनीति के साथ कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा, ताकि वह एक बार फिर हाथ से न निकल सके।
गिरफ्तारी के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। आरोपी को काबू में लेने के बाद तुरंत मेडिकल जांच कराई गई और फिर उसे न्यायालय में पेश किया गया।
कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा मजबूत
इस गिरफ्तारी के बाद इलाके में राहत का माहौल है। आम लोगों ने इसे पुलिस की सख्त और प्रभावी कार्रवाई के रूप में देखा है। खासकर ट्रैफिक पुलिस और अन्य फील्ड में तैनात जवानों के लिए यह संदेश है कि उनके साथ खड़ा प्रशासन हर हाल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कोई अपराधी खुलेआम पुलिस पर हमला करने की हिम्मत करता है, तो समाज में गलत संदेश जाता है। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी से कानून के प्रति भरोसा फिर से मजबूत हुआ है।
अब आगे की कार्रवाई पर नजर
Sunil Yadav, history-sheeter arrested पुलिस अब आरोपी का रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके। इस दौरान उसके इरादों, हमले के पीछे की वजह और फरारी के दौरान मिले सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
अब जब जिले का एक कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच चुका है, तो पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। चिड़ावा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल उनकी सतर्कता और धैर्य को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कानून से भागना आखिरकार नामुमकिन है।









