शादी के कर्ज में फंसे पति ने रची झूठी लूट की साजिश, 14 लाख की लूट का मास्टरमाइंड निकला खुद शिकायतकर्ता; पुलिस ने पकड़े दो आरोपी, जांच में जुटी

Shadi ke karz mein fase pati ne rachi jhoothi loot ki saazish, 14 lakh ki loot ka mastermind nikla khud shikayatkarta; police ne pakde do aropi, jaanch mein judi

मामला क्या है?

एक युवक ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके ऊपर 14 लाख रुपये की लूट हुई है। उसने बताया कि कुछ बदमाशों ने उसके घर के बाहर हमला कर उसके लाखों रुपये लूट लिए। इस घटना ने पुलिस और इलाके में हड़कंप मचा दिया। लेकिन जब पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की तो कुछ अजीब पहलू सामने आने लगे।

पुलिस ने की गहन जांच

पुलिस ने तुरंत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। करीब 250 फुटेज की जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के दौरान यह बात साफ हो गई कि इस लूट की घटना जैसी चीज कहीं हुई ही नहीं थी। बल्कि यह एक सोची समझी साजिश थी।

मास्टरमाइंड निकला खुद शिकायतकर्ता

पुलिस की पड़ताल में पता चला कि 14 लाख की कथित लूट का मास्टरमाइंड वह खुद था जिसने शिकायत दर्ज कराई थी। शादी के भारी कर्ज और आर्थिक दबाव से परेशान होकर उसने यह झूठ रचा था ताकि पैसे को सुरक्षित रख सके या अन्य कोई फायदा उठा सके। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है जो इस साजिश में उसके साथ शामिल थे।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ की तो वे भी पूरी कहानी से पर्दा उठाने लगे। आरोपियों ने बताया कि कैसे शिकायतकर्ता ने उन्हें योजना बनाने को कहा था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

झूठी शिकायत का असर

इस घटना से यह साफ हो गया है कि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में लोग कभी-कभी कानून का भी सहारा लेकर गलत रास्ता चुन लेते हैं। झूठी शिकायतों से पुलिस और प्रशासन का बहुमूल्य समय बर्बाद होता है, जबकि असली मामलों पर ध्यान देना जरूरी होता है।

पुलिस का संदेश

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे झूठे मामलों को न बढ़ावा दें और अगर सच में किसी को मदद चाहिए तो वे सही तरीके से पुलिस से संपर्क करें। पुलिस ने कहा कि वे हर मामले की गंभीरता से जांच करते हैं और कोई भी अपराध छुपा नहीं रह सकता।

परिणाम

यह मामला एक चेतावनी है कि जीवन में आर्थिक संकट आए तो गलत कदम उठाने से बचना चाहिए। झूठी शिकायतें न सिर्फ खुद के लिए परेशानी बनती हैं, बल्कि समाज और कानून व्यवस्था को भी प्रभावित करती हैं। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने इस साजिश को बेनकाब किया और अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने में मदद की।

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