झुंझुनूं जिले में एक सामान्य यात्रा उस समय त्रासदी में बदल गई, जब खराब हालत वाली सड़क पर एक एसयूवी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं कि सड़क की बदहाल स्थिति इस जानलेवा दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह बनी।
अचानक मची अफरा-तफरी
यह हादसा झुंझुनूं के एक ग्रामीण मार्ग पर उस समय हुआ, जब एसयूवी चालक उबड़-खाबड़ और क्षतिग्रस्त सड़क से गुजर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर मौजूद एक गहरे गड्ढे से टकराने के बाद वाहन का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद एसयूवी तेजी से पलटती हुई कई बार घूमी और आखिरकार सड़क किनारे क्षतिग्रस्त अवस्था में जा रुकी।
हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वाहन के अंदर बैठे यात्री मलबे और आसपास बिखरे हिस्सों के नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य बेहद भयावह था। कुछ ही पलों में वहां चीख-पुकार मच गई और राहगीरों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “गाड़ी जैसे ही बड़े गड्ढे से टकराई, उछलकर एक तरफ झुक गई। ड्राइवर को संभलने का मौका ही नहीं मिला। सब कुछ चंद सेकंड में हो गया।”
बचाव कार्य में जुटे लोग
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। क्षतिग्रस्त वाहन के दरवाजे बुरी तरह फंस चुके थे, जिन्हें खोलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयासों के बाद यात्रियों को बाहर निकाला जा सका।
दुर्भाग्य से, एक यात्री ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव मौत का कारण बने। अन्य घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बताई जा रही है।
सड़क की हालत पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर झुंझुनूं जिले में सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मार्ग पर यह दुर्घटना हुई, उसकी हालत लंबे समय से खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूटी हुई सड़क और मरम्मत के अभाव ने इसे हादसों के लिए बेहद खतरनाक बना दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों को सड़क की मरम्मत को लेकर शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत कर दी जाती, तो शायद यह जानलेवा हादसा टल सकता था।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह सड़क रोज़मर्रा के सफर के लिए इस्तेमाल होती है। स्कूल बसें, एंबुलेंस और निजी वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।”
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के तहत वाहन की गति, तकनीकी स्थिति और चालक की भूमिका को भी परखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क की जर्जर हालत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सड़क की खराब स्थिति एक अहम कारण के रूप में सामने आई है। आगे की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ पाएगी।
बार-बार दोहराई जा रही त्रासदी
यह पहला मौका नहीं है जब झुंझुनूं में खराब सड़कों के कारण किसी की जान गई हो। जिले में पहले भी कई ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिनमें जर्जर सड़कों ने अहम भूमिका निभाई है। इसके बावजूद सड़क सुधार को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज रफ्तार और लापरवाही, इन तीनों के मेल से ऐसे हादसे होते हैं। यदि समय पर सड़क मरम्मत, चेतावनी संकेत और नियमित निरीक्षण किए जाएं, तो दुर्घटनाओं की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है।
प्रशासन से उठी मांग
shabby road accident हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और दुख दोनों देखने को मिल रहा है। लोग मृतक के परिवार के लिए मुआवजे और घायलों के बेहतर इलाज की मांग कर रहे हैं। साथ ही, वे इस मार्ग समेत जिले की अन्य खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग भी कर रहे हैं।









