Extortion attempt foiled: Accused arrested for demanding ₹2 crore from college director in Rohit Godara’s name

Extortion attempt foiled: Accused arrested for demanding ₹2 crore from college director in Rohit Godara's name

राजस्थान में पुलिस की सतर्कता और तेज़ कार्रवाई के चलते एक बड़ी जबरन वसूली की साजिश समय रहते नाकाम कर दी गई। एक स्थानीय कॉलेज के निदेशक को रोहित गोदारा गैंग से जुड़ाव का दावा करते हुए ₹2 करोड़ की धमकी भरी मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और कुछ ही समय में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

धमकी से फैली दहशत

यह पूरा मामला तब सामने आया जब कॉलेज निदेशक ने पुलिस को शिकायत दी कि उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से लगातार धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। कॉल करने वाले ने खुद को कुख्यात अपराधी रोहित गोदारा के गिरोह से जुड़ा बताया और सीधे तौर पर ₹2 करोड़ की मांग रख दी। आरोपी ने कहा कि अगर तय समय के भीतर “समझौता” नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

धमकी की भाषा इतनी डराने वाली थी कि निदेशक और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। स्थानीय शैक्षणिक जगत में भी इस खबर के बाद बेचैनी का माहौल बन गया। रोहित गोदारा का नाम सुनते ही कई लोग सहम गए, क्योंकि उसका नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों और जबरन वसूली की घटनाओं से जुड़ चुका है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और साइबर व तकनीकी जांच शुरू की। कॉल और संदेशों के डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले गए, मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई और तकनीकी सबूत जुटाए गए। शुरुआती जांच में ही संकेत मिल गया कि आरोपी असली गैंग का सदस्य नहीं है, बल्कि उसने जानबूझकर एक कुख्यात नाम का सहारा लिया ताकि पीड़ित डर जाए और बिना सवाल किए पैसे दे दे।

पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर आरोपी की पहचान की और उसे समय रहते गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी इतनी तेजी से हुई कि न तो कोई लेन-देन हो पाया और न ही किसी तरह की शारीरिक क्षति हुई।

पूछताछ में हुए खुलासे

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने डर पैदा करने के इरादे से रोहित गोदारा के नाम का इस्तेमाल किया था। उसका मकसद केवल यही था कि पीड़ित डरकर तुरंत रकम देने को तैयार हो जाए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में इस तरह के “कॉपीकैट अपराधी” बढ़ रहे हैं, जो बड़े गैंग के नाम का सहारा लेकर आम लोगों और कारोबारियों को धमकाने की कोशिश करते हैं।

हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने यह कदम अकेले उठाया या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या उसके किसी संगठित अपराध गिरोह से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध हैं।

शिक्षा जगत में राहत

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कॉलेज प्रशासन और स्थानीय शिक्षाविदों ने राहत की सांस ली है। कई लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ व्यक्तिगत सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं, बल्कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में डर का माहौल भी बना देती हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश गया है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि जबरन वसूली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे आरोपी किसी बड़े गिरोह का असली सदस्य हो या केवल नाम का दुरुपयोग करने वाला। उन्होंने व्यापारियों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों से अपील की है कि इस तरह की किसी भी धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें और डरकर समझौता न करें।

अधिकारियों के मुताबिक, अपराधी अक्सर डर और अफवाह का फायदा उठाकर लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। लेकिन सही समय पर सूचना मिलने पर पुलिस ऐसे मामलों को जल्दी सुलझा सकती है।

आगे की जांच जारी

Rohit Godara Extortion Case फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उसने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है और क्या उसके संपर्क में अन्य संदिग्ध लोग हैं।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सतर्कता और समय पर कार्रवाई से बड़े अपराधों को रोका जा सकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ है कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा नाम क्यों न लें, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।

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