राजस्थान में भीषण गर्मी का असर: 5 जिलों में स्कूलों की छुट्टियाँ, सरकार ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश

"Rajasthan mein bheeshan garmi ka asar: 5 jilon mein schoolon ki chhuttiyaan, sarkar ne sabhi collectors ko diye nirdesh"

जयपुर। राजस्थान में गर्मी का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। आसमान से बरसती आग और ज़मीन से उठती लू ने आम जनजीवन को बेहाल कर रखा है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के पांच जिलों में आज से स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। ये आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

राज्य सरकार ने इन जिलों के जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को तत्काल बंद किया जाए ताकि छात्रों की सेहत को किसी तरह का नुकसान न हो।


किन जिलों में लागू होगा यह आदेश?

मौजूदा आदेश के तहत राजस्थान के जिन पाँच जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है, वे हैं:

  1. बाड़मेर
  2. जैसलमेर
  3. बीकानेर
  4. जोधपुर
  5. नागौर

इन जिलों में पिछले कुछ दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन से लगातार इन इलाकों से बच्चों के बीमार पड़ने की खबरें मिल रही थीं। इसके बाद शिक्षा विभाग और आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने मिलकर यह फैसला किया।


नर्सरी से लेकर 12वीं तक के लिए अवकाश

इस आदेश के अनुसार, नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही थीं, उन्हें भी स्थगित कर दिया गया है।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह निर्णय छात्रों की सेहत और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है, और जैसे ही मौसम में सुधार होगा, स्कूलों को फिर से खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।


स्कूलों के साथ-साथ कलेक्टरों को भी सख्त निर्देश

राज्य सरकार ने सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है कि आदेश का पूर्ण पालन हो। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही जिला प्रशासन से यह भी कहा गया है कि वे स्थानीय स्तर पर हालात का आकलन करते रहें और ज़रूरत पड़ने पर छुट्टियों की अवधि बढ़ाने या फिर स्कूल खोलने के निर्णय पर विचार करें।


अभिभावकों और छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस आदेश से जहां अभिभावक राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं कुछ छात्रों को परीक्षाओं के स्थगित होने से निराशा भी हुई है। हालांकि अधिकांश लोग इस फैसले को सही मान रहे हैं।

बीकानेर की एक अभिभावक पूजा मेहता कहती हैं, “बच्चों को इतनी गर्मी में स्कूल भेजना बहुत मुश्किल हो गया था। सरकार का यह फैसला समय पर और समझदारी भरा है।”

वहीं 10वीं कक्षा के छात्र आयुष ने बताया, “हमारी परीक्षा बस दो पेपर की ही बची थी, लेकिन अब रुक गई है। थोड़ी निराशा तो है, लेकिन सेहत पहले है।”


क्या कहते हैं मौसम विभाग के आंकड़े?

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में लू का प्रकोप और तेज हो सकता है। पश्चिमी राजस्थान के ज़िलों में तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसी के चलते स्कूलों को बंद करने का यह निर्णय और भी ज़रूरी हो गया था।


आगे की क्या रणनीति होगी?

राज्य शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। यदि तापमान में गिरावट आती है और मौसम अनुकूल होता है, तो छुट्टियों को समाप्त कर स्कूलों को पुनः खोलने का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही स्थगित परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा भी जल्द ही की जाएगी।

फिलहाल, अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को घर पर रखें, उन्हें ठंडा और सुरक्षित वातावरण दें और धूप में बाहर न जाने दें।

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