राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह धमकी उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के ज़रिए मिली, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। इस घटना ने राज्य की राजनीति और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री को यह धमकी एक फेसबुक यूजर अकाउंट से इनबॉक्स मैसेज के माध्यम से मिली। इस मैसेज में न केवल उन्हें गालियां दी गईं, बल्कि उनके परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला 6 मई की रात को सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने खुद इस संदेश को पढ़ा और तुरंत एसआईटी को इसकी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत जयपुर के विद्याधर नगर थाने में दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई। इस धमकी भरे संदेश के आधार पर आईटी एक्सपर्ट्स की मदद से जांच शुरू कर दी गई है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।
पुलिस जांच में जुटी, सोशल मीडिया अकाउंट की ट्रेसिंग जारी
जयपुर पुलिस ने इस धमकी को बेहद गंभीरता से लिया है। साइबर सेल को भी मामले में शामिल किया गया है, जो कि फेसबुक पर भेजे गए मैसेज की टेक्निकल ट्रेसिंग कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अकाउंट किसका है, और इसका आईपी एड्रेस कहां से जुड़ा हुआ है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “धमकी देने वाले की पहचान करना हमारी पहली प्राथमिकता है। इस मामले में हम सोशल मीडिया कंपनी से भी संपर्क कर रहे हैं ताकि हमें उस अकाउंट से जुड़ी ज़रूरी जानकारी मिल सके।”
क्या है मामला और किस तरह की धमकी दी गई?
मिली जानकारी के मुताबिक, धमकी में मुख्यमंत्री को गालियां देते हुए लिखा गया कि अगर उन्होंने कुछ ‘खास कदम’ उठाए, तो उन्हें और उनके परिवार को जान से हाथ धोना पड़ेगा। यह भाषा न सिर्फ आपत्तिजनक थी, बल्कि पूरी तरह से हिंसक और भड़काने वाली भी थी। मैसेज में आरोपी ने मुख्यमंत्री को सीधी धमकी दी और खुद को एक ‘संगठन’ से जुड़ा बताया।
इस तरह की धमकी को केवल एक राजनीतिक हमला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत जीवन और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है, जिस पर राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी नजर बनाए हुए हैं।
सुरक्षा बढ़ाई गई, मुख्यमंत्री का बयान
घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास और उनके निजी आवास पर सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राज्य की जनता की सेवा मेरा कर्तव्य है और इस तरह की धमकियों से मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं। कानून अपना काम करेगा और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने ऊपर नहीं, बल्कि अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और इसीलिए उन्होंने तुरंत कार्रवाई करवाई।
सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। बीजेपी के कई नेताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।
राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि धमकी देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारी हो सकती है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री को मिली यह धमकी केवल एक राजनीतिक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे की सुरक्षा से जुड़ा मामला बन गया है। प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही धमकी देने वाला व्यक्ति पुलिस की गिरफ्त में होगा।








