रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी की तलाश अब और तेज हो गई है। पुलिस ने रेलवे भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी देवी सिंह पर ₹20,000 का इनाम घोषित किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने सरकारी नौकरी की चाह में भटक रहे युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब ₹15 लाख की ठगी की और वारदात के बाद फरार हो गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाने के चलते अब इनाम घोषित कर आम लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि इस कदम से आरोपी तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
कैसे सामने आया पूरा मामला
यह घोटाला तब उजागर हुआ, जब कई पीड़ित युवाओं ने पुलिस से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ितों का कहना था कि उन्हें भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोपी देवी सिंह ने खुद को “अंदरूनी पहुंच” वाला व्यक्ति बताकर विश्वास में लिया और कहा कि वह सीधे नियुक्ति पत्र दिलवा सकता है।
सरकारी नौकरी की उम्मीद में युवाओं ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। आरोप है कि देवी सिंह ने बाकायदा रेलवे के नाम से बने फर्जी नियुक्ति पत्र, मुहर और लेटरहेड दिखाए, जो देखने में पूरी तरह असली लगते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कई लोगों ने अपनी जमा-पूंजी, उधार के पैसे और बचत आरोपी को सौंप दी।
फर्जी नियुक्ति पत्र से खुला झूठ
पीड़ितों को तब शक हुआ, जब उन्होंने नियुक्ति पत्र के आधार पर रेलवे विभाग में संपर्क किया। वहां उन्हें बताया गया कि न तो ऐसी कोई भर्ती है और न ही उनके नाम का कोई रिकॉर्ड मौजूद है। यहीं से उन्हें ठगी का एहसास हुआ और एक-एक कर पीड़ित सामने आने लगे।
पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि आरोपी ने बेरोजगारी और सरकारी नौकरी की मजबूरी का फायदा उठाकर एक सुनियोजित ठगी को अंजाम दिया। शुरुआती आकलन में करीब ₹15 लाख की ठगी की पुष्टि हुई है, हालांकि पुलिस को आशंका है कि ठगे गए लोगों की संख्या और रकम इससे ज्यादा हो सकती है।
फरारी और पुलिस की चुनौती
ठगी की रकम वसूलने के बाद देवी सिंह भूमिगत हो गया। उसने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए और ठिकाने बदलता रहा, जिससे पुलिस को उसे पकड़ने में काफी दिक्कत आई। स्थानीय स्तर पर की गई तलाश के बावजूद जब कोई सुराग हाथ नहीं लगा, तो वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इनाम घोषित करने का फैसला किया।
पुलिस ने आरोपी की आखिरी लोकेशन, कॉल डिटेल्स और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर विशेष टीमें गठित की हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उसके संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
इनाम घोषित, जनता से अपील
पुलिस का कहना है कि देवी सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को ₹20,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को आरोपी के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पुलिस का मानना है कि इस तरह के मामलों में कई बार आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा होता है। इसलिए यह भी जांच की जा रही है कि देवी सिंह अकेले ही इस ठगी को अंजाम दे रहा था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
नौकरी के नाम पर ठगी: बार-बार दोहराती कहानी
यह मामला एक बार फिर सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी की कड़वी सच्चाई को सामने लाता है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे में किसी भी तरह की भर्ती केवल आधिकारिक बोर्ड, वेबसाइट और परीक्षाओं के माध्यम से होती है। किसी व्यक्ति या बिचौलिए के जरिए सीधे नौकरी दिलाने का दावा पूरी तरह फर्जी होता है।
अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि वे जल्दबाजी या लालच में आकर ऐसे झांसे में न आएं। कोई भी नियुक्ति पत्र मिलने पर उसकी आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से पुष्टि जरूर करें।
पीड़ितों की बढ़ती चिंता
Railway Job Fraud Case घोटाले के शिकार बने कई युवा अब मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। किसी ने कर्ज लेकर पैसे दिए थे, तो किसी ने परिवार की बचत लगा दी। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी और ठगी की रकम की वसूली ही उनके लिए सबसे बड़ी राहत होगी।









