पिलानी और उसके आसपास के इलाकों में हाल ही में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने स्थानीय लोगों को हिलाकर रख दिया। दोनों घटनाओं का समय और स्थान भले ही अलग हो, लेकिन इनमें शामिल वाहनों की रफ़्तार और गंभीर क्षति ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इन घटनाओं की जाँच में जुटी हुई है और प्रारंभिक रिपोर्टें बताती हैं कि दोनों मामलों में नियंत्रण खोने की स्थिति प्रमुख कारण हो सकती है।
पहला हादसा: पिलानी में तेज़ रफ़्तार थार अनियंत्रित होकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
पहली घटना पिलानी कस्बे के भीतर हुई, जहाँ एक थार SUV तेज़ रफ़्तार में चलते-चलते अचानक नियंत्रण खो बैठी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन जिस स्पीड में चल रहा था, उससे साफ़ लग रहा था कि चालक वाहन पर पकड़ बनाए रखने में असमर्थ हो गया। कुछ ही क्षणों में थार सड़क किनारे जा टकराई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे के बाद सामने आई वीडियो फुटेज में थार के अगला हिस्सा पूरी तरह दबा हुआ दिखाई देता है। कई हिस्सों की बॉडी टूट चुकी थी, जिससे टक्कर की तीव्रता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने चालक की स्थिति और किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा इतना भीषण था कि वाहन देखने भर से ही उसके नुकसान का स्तर समझा जा सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि हादसे के कुछ ही देर बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई। उन्होंने आसपास के ट्रैफिक को नियंत्रित किया और दुर्घटनास्थल पर छानबीन शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, मामले के कई पहलुओं की जाँच की जा रही है — क्या वाहन अत्यधिक गति में था, क्या सड़क की स्थिति खराब थी, या क्या चालक ने अचानक ब्रेक लगाए थे। प्रारंभिक अनुमान हालांकि तेज़ रफ़्तार की ओर ही इशारा करते हैं।
दूसरा हादसा: इस्माइलपुर में 407 ट्रक फार्महाउस की दीवार फाड़कर अंदर जा घुसा
दूसरा हादसा इस्माइलपुर क्षेत्र में हुआ, जहाँ एक 407 ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गया और सीधे एक फार्महाउस की बाउंड्री वॉल को तोड़ता हुआ अंदर जा घुसा। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि फ़ार्महाउस की बाहरी दीवार कई मीटर तक टूटकर बिखर गई। ट्रक अंदर जाकर एक पेड़ और कुछ कृषि उपकरणों से भी भिड़ गया।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ट्रक जिस दिशा से आया, उस ओर से वाहनों की गति अक्सर अधिक रहती है। कई लोग यह भी बताते हैं कि सड़क की हल्की ढलान के कारण बड़े वाहन तेज़ स्पीड पकड़ लेते हैं और अगर चालक का ध्यान ज़रा सा भी भटक जाए तो वाहन तुरंत नियंत्रण से बाहर हो सकता है।
हादसे के समय फार्महाउस के भीतर मौजूद परिवार के सदस्यों को किसी तरह का शारीरिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन संपत्ति को भारी क्षति पहुँची है। दीवार टूटने के अलावा कई उपकरण और आसपास की संरचनाएँ भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ट्रक चालक की स्थिति जानी और घटना के कारणों की जाँच शुरू की। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं ट्रक में तकनीकी खराबी तो नहीं आई थी — जैसे ब्रेक फेल होना — या फिर चालक की लापरवाही इसके पीछे का कारण थी। फ़िलहाल इस दिशा में विस्तृत जाँच जारी है।
लगातार घटनाओं से सड़क सुरक्षा पर सवाल
पिलानी और इस्माइलपुर के बीच कुछ ही दूरी में दो बड़े हादसे होने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। दोनों घटनाओं में रफ़्तार एक प्रमुख कारक मानी जा रही है। ग्रामीण सड़कों पर जहाँ पैदल और दुपहिया यात्री अधिक होते हैं, वहां बड़ी गाड़ियों की अत्यधिक गति गंभीर हादसों को जन्म दे सकती है।
कई स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल के लिए स्पीड ब्रेकर, साइनबोर्ड या पुलिस की नियमित गश्त की आवश्यकता है। कई बार वाहन चालक बाहरी होते हैं और उन्हें सड़क की संरचना या मोड़ की जानकारी नहीं होती, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की दिशा
Pilani Road Accident Update पुलिस दोनों मामलों में अलग-अलग जाँच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि:
- दुर्घटना स्थलों से वाहन के टायर मार्क्स, टूटे हुए पार्ट्स और अन्य सबूत एकत्र किए गए हैं।
- प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत की जा रही है।
- दोनों वाहनों की तकनीकी जाँच भी की जाएगी।
जाँच पूरी होने के बाद पुलिस यह स्पष्ट करेगी कि हादसों के लिए अंतिम रूप से कौन-सा कारक ज़िम्मेदार था।









