पिलानी में बीती रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। स्थानीय शराब दुकान पर अचानक धमाधम गोलियों की आवाज़ गूंज उठी और कुछ ही सेकंड में माहौल अफरातफरी से भर गया। अज्ञात हमलावरों ने न सिर्फ फायरिंग की, बल्कि एक धमकी भरी पर्ची भी फेंक कर गए, जिसमें ₹1 लाख की फिरौती की मांग दर्ज थी। दुकान मालिक को जान से मारने की चेतावनी ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है। घटना के बाद से पूरा कस्बा सुरक्षा को लेकर सवालों से घिरा हुआ है और पुलिस ने मामले को हाई-प्रायोरिटी के रूप में लेकर जांच शुरू कर दी है।
हमला कैसे हुआ: देर रात फैली गोलियों की गूंज
घटना देर रात हुई जब शराब दुकान बंद होने की तैयारी में थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बाइक पर आए दो से तीन बदमाश दुकान के सामने रुके और बिना किसी बातचीत या चेतावनी के सीधे फायरिंग शुरू कर दी। चंद पलों में दुकान की शटर और दीवारों पर गोलियों के निशान बन गए। आसपास मौजूद लोगों ने घबराकर छिपने की कोशिश की, जबकि हमलावर वारदात के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फायरिंग इतनी तेज़ी से हुई कि किसी को कुछ समझने या प्रतिक्रिया देने का समय ही नहीं मिला। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हमलावरों का उद्देश्य सिर्फ दहशत फैलाना था, ताकि उनकी फिरौती की मांग का वजन और बढ़ जाए।
धमकी भरी पर्ची: ‘₹1 लाख नहीं दिया तो अंजाम भुगतना पड़ेगा’
फायरिंग के बाद मौके से मिली पर्ची इस पूरी घटना को एक संगठित अपराधिक योजना की ओर इशारा करती है। पर्ची में साफ शब्दों में लिखा था कि दुकान मालिक जल्दी से जल्दी ₹1 लाख की राशि पहुंचा दे, वरना उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। पर्ची में लिखी भाषा और अंदाज़ यह दर्शाता है कि यह कोई साधारण धमकी नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ दी गई चेतावनी थी।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में फिरौती और रंगदारी की घटनाएँ बढ़ी हैं और पुलिस पहले भी ऐसे मामलों से निपट चुकी है। हालांकि इस बार फायरिंग के साथ धमकी देना अपराधियों की निडर मानसिकता को दिखाता है।
पुलिस हरकत में: सीसीटीवी फुटेज से सुराग जुटाए जा रहे हैं
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की नाकेबंदी कर दी। शराब दुकान और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि हमलावरों की पहचान करना मुश्किल नहीं होगा क्योंकि उन्होंने फायरिंग के दौरान बहुत कम समय में कई गलतियाँ की हैं — जैसे कि चेहरों को पूरी तरह ढका न होना, बाइक की नंबर प्लेट का आंशिक रूप से दिखाई देना आदि।
पुलिस ने दुकान मालिक को सुरक्षा प्रदान कर दी है ताकि किसी भी तरह के दुबारा हमले की आशंका को रोका जा सके। साथ ही इलाके में रात के समय अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों में दहशत: ‘कहीं और भी हमला हो सकता है’
घटना के बाद से स्थानीय व्यवसायी और आम नागरिक काफी डरे हुए हैं। लोगों का कहना है कि अगर बदमाश खुलेआम फायरिंग कर सकते हैं और फिरौती मांग सकते हैं, तो इस तरह की वारदात किसी भी दुकान या कारोबारी के साथ हो सकती है। व्यापार संगठनों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग उठाई है।
कई लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ छोटे शहरों में असामान्य होती थीं, लेकिन अब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे बिना किसी डर के गोलियाँ चला रहे हैं।
क्या यह किसी बड़े गिरोह की करतूत?
Pilani Firing Extortion Case इस घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ होने की संभावना तेज़ी से चर्चा में है। पिछले कुछ महीनों में राजस्थान के कुछ इलाकों में संगठित अपराधियों द्वारा की गई रंगदारी की घटनाएँ सुर्खियों में रही हैं। पुलिस भी इस संभावना से इंकार नहीं कर रही कि हमलावर किसी बाहरी गैंग से जुड़े हो सकते हैं, जो अलग-अलग व्यवसायियों को निशाना बना रहा है।









