भारत द्वारा हाल ही में किए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद, पाकिस्तान में राजनीतिक और सैन्य हलचल तेज़ हो गई है। आतंकियों के ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई ने न सिर्फ सीमा पार खलबली मचाई, बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को भी कड़ी प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया।
राष्ट्र के नाम संबोधन में दिखी नाराज़गी
बुधवार रात, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों को संबोधित करते हुए भारत को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस “गलती” की कीमत भारत को चुकानी पड़ेगी। उनका कहना था कि पाकिस्तानी अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे और भारत को हर खून की बूंद का हिसाब देना होगा।
शहबाज़ शरीफ़ ने यह दावा भी किया कि पाकिस्तान ने भारत के हमले का तत्काल और कड़ा जवाब दिया, जिससे भारतीय सेना को पीछे हटना पड़ा।
26 मौतों का दावा, महिलाएं और बच्चे शामिल
अपने भाषण में शरीफ़ ने कहा कि भारत के हवाई हमलों में 26 लोग मारे गए हैं, जिनमें मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने इन लोगों को ‘शहीद’ बताया और कहा कि पूरा पाकिस्तान उनके परिवारों के साथ खड़ा है। साथ ही, घायल हुए 40 से अधिक लोगों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने पाकिस्तान की जनता को एकजुट रहने का आह्वान किया।
संसद में भी रखी तीखी बात
शहबाज़ शरीफ़ ने संसद में भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारत ने पूरी तैयारी के साथ हमला किया और उसके 80 से अधिक लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के छह अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया। शरीफ़ ने यह आरोप लगाया कि भारत ने रात के अंधेरे में छिपकर हमला किया, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने पूरी मुस्तैदी के साथ जवाब दिया और दुश्मन के मंसूबों को नाकाम कर दिया।
उन्होंने सेना की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा, “हमारी सेना ने जो साहस दिखाया है, उस पर पूरे देश को गर्व है। हमें भरोसा है कि हमारी सरहदें सुरक्षित हाथों में हैं।”
पहलगाम हमले पर सफाई
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले को लेकर भी शहबाज़ शरीफ़ ने भारत पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत ने बिना सबूत पाकिस्तान पर आरोप मढ़ दिया जबकि उस हमले से उनका कोई लेना-देना नहीं था।
शरीफ़ ने बताया कि जब उन्हें इस हमले की जानकारी मिली, वे तुर्की दौरे पर थे। उन्होंने उसी समय कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं से बात की और साफ किया कि पाकिस्तान इस घटना में शामिल नहीं है। फिर भी भारत ने पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई कर दी, जिसे शरीफ़ ने “गंभीर उकसावे” की संज्ञा दी।
बढ़ता तनाव, आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में पहले से ही खटास रही है, और अब ऑपरेशन सिंदूर के बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। शहबाज़ शरीफ़ की धमकी ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान अब इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पाकिस्तान कूटनीतिक स्तर पर भारत को घेरने की कोशिश करेगा, लेकिन भारत की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। भारत का रुख आतंकवाद के प्रति हमेशा सख्त रहा है और इस बार की कार्रवाई को भी उसी नीति के तहत देखा जा रहा है।
क्या तनाव और बढ़ेगा?
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब युद्ध जैसे हालात में बदल जाएगा? दोनों देशों की सीमाओं पर सैन्य गतिविधियां तेज़ हो चुकी हैं। सीमावर्ती इलाकों में आम नागरिकों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
परिणाम
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान का रुख साफ तौर पर रक्षात्मक और बौखलाहट भरा नजर आ रहा है। शहबाज़ शरीफ़ का तीखा बयान इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश करेगा। लेकिन भारत की कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।









