नवलगढ़, राजस्थान — नवलगढ़ में देर रात हुई एक फिल्मी अंदाज़ की घटना में एटीएम को लूटने की कोशिश कर रहे बदमाशों की योजना पुलिस की त्वरित मौजूदगी से विफल हो गई। चोरी की यह कोशिश काफी साहसी थी, लेकिन उतनी ही जल्दबाज़ी में खत्म भी हो गई। पूछताछ में सामने आया कि नकाबपोश चोर सबसे पहले सुरक्षा कैमरों की आंखें फोड़ने पर उतर आए। उन्होंने कैमरों के लेंस पर काला स्प्रे पेंट कर निगरानी प्रणाली को बेअसर करने की कोशिश की, ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। लेकिन पुलिस की तेज़ प्रतिक्रिया ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया।
कैमरे पर काला रंग स्प्रे कर अंधा करने की कोशिश
घटना नवलगढ़ के एक व्यस्त और जनसंचार वाले इलाके में स्थित एटीएम कियोस्क में घटी। रोज़मर्रा की तरह रात को इलाके में सन्नाटा था, लेकिन एटीएम बूथ के भीतर कुछ देर के लिए असामान्य हलचल दर्ज हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात दो से तीन युवक वहां आए और जैसे ही अंदर घुसे, उन्होंने भीतर लगे कैमरों की ओर रुख किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बदमाश काले रंग का स्प्रे पेंट लेकर आए थे और उन्होंने कैमरे के लेंस पर कई परतें चढ़ाने की कोशिश की, ताकि फुटेज पूरी तरह धुंधली हो जाए।
यह तरीका आमतौर पर उन बदमाशों द्वारा अपनाया जाता है जो बिना चेहरा दिखाए एटीएम को तोड़ने या लूटने की कोशिश करते हैं। हालांकि कैमरों को इतना क्षतिग्रस्त करने की कोशिश भी संदिग्ध हलचल पैदा कर देती है—और शायद यही इस पूरी घटना के उजागर होने की वजह बनी।
अलार्म या संदिग्ध आवाज़ों ने पुलिस को किया सतर्क
एटीएम बूथ में लगे सुरक्षा सिस्टम में एक रिमोट मॉनिटरिंग व्यवस्था भी थी। बैंक अधिकारियों को संदेह है कि जैसे ही कैमरों की दृश्य क्षमता बाधित हुई, सिस्टम ने असामान्य गतिविधि दर्ज की और एक अलर्ट भेज दिया। पुलिस का कहना है कि गश्ती दल पहले से ही इलाके में राउंड पर था, और बूथ के पास असामान्य हलचल के बारे में सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
पुलिस की तेज़ मौजूदगी ने बदमाशों को हैरान कर दिया। जैसे ही उन्होंने बाहर से आती गाड़ी की आवाज़ और टॉर्च की रोशनी देखी, वे समझ गए कि उनका समय खत्म हो चुका है। चोरों ने चोरी करने के लिए साथ लाए औज़ार वहीं फेंके और बिना किसी प्रतिरोध के भाग निकले।
औज़ार छोड़कर भागे आरोपी, एटीएम को हल्का नुकसान
वारदात के दौरान एटीएम मशीन को तोड़ने या उससे नकदी निकालने की कोशिश तो शुरू की गई थी, लेकिन पुलिस पहुंचने के कारण वह पूरी नहीं हो सकी। मशीन को हल्का नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन बैंक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कोई भी कैश चोरी नहीं हुआ। बूथ में मिले औज़ारों में एक लोहे का रॉड, एक चाकू, कैंची, कुछ स्क्रूड्राइवर और खाली स्प्रे पेंट के डिब्बे शामिल हैं।
पुलिस अब इन औज़ारों पर मौजूद फिंगरप्रिंट, रासायनिक अवशेष और डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रही है। विभाग को उम्मीद है कि तकनीकी जांच से आरोपियों की पहचान में मदद मिलेगी।
परिसर के अन्य कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
हालांकि एटीएम के अंदर के कैमरों को बदमाशों ने क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन आसपास की दुकानों और घरों में लगे बाहरी कैमरों की फुटेज से कुछ संकेत मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग जब्त कर ली है और टीम अलग-अलग कोणों से वीडियो देखकर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
नवलगढ़ थाना प्रभारी ने बताया, “एटीएम के अंदर की फुटेज तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन बाहर लगे कैमरे हमें कुछ उपयोगी संकेत दे सकते हैं। हम इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों का व्यवहार बताता है कि वे स्थानीय इलाके से परिचित थे या उन्होंने कई दिनों तक एटीएम की गतिविधियों पर नज़र रखी हो सकती है।
स्थानीय लोगों में चिंता, लेकिन राहत भी
घटना के बाद स्थानीय निवासियों में थोड़ी चिंता का माहौल जरूर है, क्योंकि वित्तीय अपराधों का जोखिम छोटे शहरों में भी बढ़ता दिख रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि समय रहते पुलिस की कार्रवाई ने एटीएम में रखी बड़ी रकम को बचा लिया।
इलाके के एक दुकानदार ने कहा, “अगर पुलिस समय पर न पहुंचती, तो शायद मशीन को बड़ा नुकसान होता। बदमाशों का तरीका देखकर लगता है कि वे पूरी तैयारी के साथ आए थे।”
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि गश्ती दल की सक्रियता कितनी महत्वपूर्ण है। पुलिस ने समय बर्बाद किए बिना मौके पर पहुंचकर न सिर्फ चोरी को रोका बल्कि आरोपियों को जल्द पकड़े जाने की संभावनाएं भी बढ़ा दीं।
जिला पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय संस्थानों और एटीएम बूथों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बैंक संचालकों को भी सलाह दी कि वे अपने निगरानी सिस्टम को नियमित रूप से अपग्रेड रखें ताकि ऐसी स्थितियों में तुरंत अलर्ट मिल सके।
जांच जारी, आरोपियों की तलाश तेज
फिलहाल नवलगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है। टीम तकनीकी विश्लेषण, फॉरेंसिक जांच, स्थानीय मुखबिर नेटवर्क और पिछले आपराधिक रिकॉर्डों के आधार पर संभावित आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का मानना है कि यदि आरोपी स्थानीय हैं, तो उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। अगर वे बाहर से आए थे, तो भी छोड़े गए सबूत काफी अहम साबित हो सकते हैं।
घटना एक चेतावनी — एटीएम सुरक्षा पर और काम की जरूरत
Nawalgarh ATM theft यह पूरी घटना यह भी बताती है कि एटीएम सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहने की जरूरत है। बदमाश तकनीक के नए तरीकों का उपयोग करते दिखाई दे रहे हैं—और निगरानी व्यवस्था को चकमा देने की कोशिशें बढ़ रही हैं। बैंकिंग सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग संस्थाओं को अलार्म सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को और मज़बूत बनाने की आवश्यकता है।









