राजस्थान के झुंझुनू जिले के बलवंतपुरा गांव से एक बेहद चिंताजनक खबर आई है। यहाँ के रहने वाले मोहित, जो मर्चेंट नेवी में काम करते थे, उनकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। परिवार का मानना है कि मोहित की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि हत्या है। वे इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं।
घटना का सिलसिला कैसे शुरू हुआ?
15 मई की रात मोहित के परिवार को एक मैसेज मिला जिसमें बताया गया कि मोहित को करंट लग गया है, लेकिन वह ठीक है। इस खबर से परिवार को थोड़ी राहत मिली। लेकिन जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला। अगले दिन रिश्तेदारों को मुंबई भेजा गया, जहाँ कंपनी की ओर से पहले कोई जानकारी नहीं दी गई। अंततः कंपनी ने मोहित की मौत की खबर दी, जिसने परिवार को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया।
परिवार की ओर से लगाए गए गंभीर आरोप
मोहित के परिवार का मानना है कि उनकी मौत की असलियत छुपाई जा रही है। वे कहते हैं कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। उनके पास कई सबूत भी हैं:
- कंपनी ने परिवार की अनुमति के बिना ही पोस्टमार्टम करवा दिया।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित के सिग्नेचर संदिग्ध पाए गए हैं।
- मोहित के अपॉइंटमेंट लेटर में सैलरी के बारे में अलग-अलग जानकारी दी गई है।
- जिस शिप पर मोहित काम करता था, उसमें ईरानी नागरिक भी मौजूद थे, जो परिवार को संदिग्ध लगता है।
परिवार का दावा है कि मोहित जैसे पढ़े-लिखे व्यक्ति को करंट लगने की बात यकीन से परे है।
जहाज की लोकेशन और संदिग्ध बातें
परिवार ने जहाज की लोकेशन को भी ट्रैक किया। पता चला कि 15 मई के बाद जहाज की लोकेशन बंद हो गई। बाद में जहाज को ‘गोल्फ’ नामक स्थान पर पाया गया। जहाज को 29 मई को ईरान के लिए रवाना होना था। जानकारी में यह भी आया कि जहाज का पहुँचने का समय 18 मई की रात 9 बजे था, जिसे बाद में रात 2 बजे कर दिया गया।
पुलिस की रवैये पर परिवार ने जताई नाराजगी
परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनकी दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को ठुकरा दिया गया। पुलिस ने बताया कि यह मामला मुंबई में हुआ है इसलिए केस भी मुंबई में दर्ज होगा। परिवार को लगता है कि जांच में राजनीतिक और कानूनी जटिलताएं हैं।
परिवार की एक ही आवाज – न्याय चाहिए
मोहित का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। वे चाहते हैं कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाएं और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएं। उनका कहना है कि मोहित की मौत की असली वजह सामने आनी चाहिए, ताकि अन्य लोग इस तरह की घटनाओं से बच सकें।
अनसुलझे सवाल जिनके जवाब अभी बाकी हैं
- मोहित की मौत के पीछे असल वजह क्या है?
- बिना परिवार की सहमति के पोस्टमार्टम क्यों कराया गया?
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिग्नेचर का अलग होना क्या दर्शाता है?
- अपॉइंटमेंट लेटर में सैलरी की भिन्न-भिन्न जानकारी का क्या मतलब है?
- पुलिस मामले में ढिलाई क्यों कर रही है?
इन सभी सवालों के जवाब मिलना इस मामले की सच्चाई को समझने के लिए बेहद जरूरी है।
आगे का रास्ता क्या होगा?
मोहित के परिवार ने हिम्मत नहीं हारी है। वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे और हर स्तर पर आवाज उठाएंगे। उम्मीद है कि प्रशासन और जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच करेंगी।









