Major gold loan scam: PNB Nawalgarh branch under scanner for irregularities worth ₹6.5 crore, customers angry

Major gold loan scam: PNB Nawalgarh branch under scanner for irregularities worth ₹6.5 crore, customers angry

राजस्थान के नवलगढ़ कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया, जब पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की स्थानीय शाखा में करोड़ों रुपये के गोल्ड लोन घोटाले की खबर सामने आई। शांत माने जाने वाले इस कस्बे में बैंक के बाहर ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। वजह थी—करीब ₹6.5 करोड़ मूल्य के सोने से जुड़ी गंभीर अनियमितता, जिसने सैकड़ों खाताधारकों की नींद उड़ा दी।

बैंक पर टूट पड़ा भरोसे का संकट

नवलगढ़ शाखा के कई ग्राहक वर्षों से अपने पारिवारिक गहने और जमा पूंजी को सुरक्षित मानकर बैंक में गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखते आए थे। लेकिन जैसे ही यह खुलासा हुआ कि शाखा में रखे गए सोने के साथ बड़ा घोटाला हुआ है, लोगों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिला।

ग्राहकों का सवाल सीधा था—“हमारा सोना सुरक्षित है या नहीं?”
कई लोग अपने कागजात हाथ में लिए बैंक परिसर में जमा हो गए और शाखा प्रबंधन से तुरंत जवाब मांगने लगे। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस और प्रशासन को भी स्थिति पर नजर रखनी पड़ी।

₹6.5 करोड़ के घोटाले से मचा हड़कंप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मामला गोल्ड लोन से जुड़े रिकॉर्ड और वास्तविक सोने के भंडारण में भारी गड़बड़ी से जुड़ा है। आशंका जताई जा रही है कि या तो गिरवी रखा गया सोना सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया या फिर उसे अवैध रूप से निकाल लिया गया।

₹6.5 करोड़ जैसी बड़ी रकम का मामला होने के कारण यह घोटाला केवल स्थानीय नहीं, बल्कि पूरे बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्राहकों को डर सता रहा है कि कहीं उनकी जीवनभर की जमा पूंजी इस घोटाले की भेंट न चढ़ जाए।

बैंक प्रबंधन की सफाई और आश्वासन

बढ़ते दबाव और नाराजगी को देखते हुए बैंक के सहायक महाप्रबंधक (AGM) स्वयं नवलगढ़ शाखा पहुंचे और प्रभावित ग्राहकों से बातचीत की। बैठक के दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बैंक अपने सभी वैध ग्राहकों के साथ खड़ा है।

AGM ने यह औपचारिक भरोसा दिलाया कि जिन ग्राहकों के गोल्ड लोन सही और वैध पाए जाएंगे, उन्हें उनकी पूरी दावा राशि (Claim Amount) दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष ग्राहक को इस घोटाले का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

यह आश्वासन सुनकर कुछ हद तक लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन पूरी तरह से भरोसा लौटने में अभी समय लग सकता है।

जांच एजेंसियां सक्रिय, जवाब तलाशे जा रहे

घोटाले के सामने आने के बाद बैंक के आंतरिक ऑडिट विभाग के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। फिलहाल जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह घोटाला किसी एक कर्मचारी की करतूत है या इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। बैंक के रिकॉर्ड, लॉकर रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और गोल्ड स्टोरेज सिस्टम की गहन जांच की जा रही है।

ग्राहकों के सामने दस्तावेज़ों की चुनौती

हालांकि बैंक ने भुगतान का भरोसा दिया है, लेकिन ग्राहकों को अब अपने दावों को साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। इसमें गोल्ड लोन की रसीदें, पहचान पत्र, लोन एग्रीमेंट और अन्य बैंक रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।

कई बुजुर्ग ग्राहकों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के लिए यह प्रक्रिया आसान नहीं है। इसी वजह से बैंक प्रबंधन पर यह जिम्मेदारी भी आ गई है कि वह दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाए।

बैंकिंग सिस्टम पर उठते सवाल

PNB Gold Loan Scam Navalgarh
यह मामला केवल नवलगढ़ शाखा तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में इस तरह की बड़ी अनियमितता ने पूरे सिस्टम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड लोन जैसे संवेदनशील मामलों में ऑडिट और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

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