कोट क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद ने मंगलवार को एक ऐसी घटना को जन्म दिया, जिसने न सिर्फ एक परिवार को दहशत में डाल दिया बल्कि पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना दिया। चार लोगों पर आरोप है कि वे पीड़ित परिवार के घर में जबरन घुसे, पुरुष से मारपीट की और उसकी पत्नी के गले से मंगलसूत्र खींचकर ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विवाद की शुरुआत: एक पुराना तनाव जो धीरे-धीरे बढ़ता गया
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह विवाद अचानक पैदा नहीं हुआ, बल्कि पिछले काफी समय से दोनों पक्षों के बीच ज़मीन को लेकर खींचतान चल रही थी। कई बार पंचायत स्तर पर बातचीत की कोशिश भी हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि विरोधी लंबे समय से उन पर दबाव बना रहे थे ताकि वे जमीन छोड़ दें, और इसी तनाव की वजह से परिवार लगातार असुरक्षा की भावना में जी रहा था।
बताया जा रहा है कि विवादित जमीन पर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत करते रहे। एक पक्ष दस्तावेज़ों के आधार पर स्वामित्व का दावा कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष उसे झूठा और गलत बता रहा है। इसी खींचतान के बीच कई बार छोटी-मोटी झड़पें भी हो चुकी थीं, लेकिन इस बार मामला हिंसा तक पहुंच गया।
घटना का दिन: अचानक घर में घुस आए आरोपी
घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। पीड़ित के अनुसार, वह अपने घर में सामान्य दिनचर्या के काम कर रहा था। तभी चार लोग, जिनसे लंबे समय से विवाद चल रहा था, अचानक घर में घुस आए। उनके चेहरे से ही साफ था कि वे किसी योजना के तहत आए हैं।
पीड़ित के मुताबिक, दरवाजे को धक्का देकर चारों आरोपी सीधे घर के भीतर आए और बिना कुछ कहे मारपीट शुरू कर दी। पुरुष को पकड़कर पहले धक्का दिया गया और फिर जमीन पर गिराकर लात-घूंसे मारे गए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य जोर-जोर से चिल्लाते रहे, लेकिन आरोपियों ने किसी की परवाह नहीं की।
महिला को निशाना बनाना: मंगलसूत्र तोड़ा और छीना
मारपीट के दौरान पीड़ित की पत्नी बीच-बचाव करने आई, तो उसे भी धक्का दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने महिला पर शारीरिक हमला करने के बाद उसके गले में पहना मंगलसूत्र खींच लिया। इससे न केवल शारीरिक चोट पहुंची, बल्कि वह गहरी सदमे में चली गई क्योंकि मंगलसूत्र भारतीय संस्कृति में विवाह और सम्मान का पवित्र प्रतीक माना जाता है।
महिला के अनुसार, आरोपियों ने न सिर्फ मंगलसूत्र छीनने की कोशिश की, बल्कि उसे तोड़कर ले गए, जो उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद कष्टदायक था। इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से हिला दिया
पीड़ित परिवार का दर्द: ‘हमारा अपराध सिर्फ इतना था कि हम अपनी जमीन नहीं छोड़ रहे थे’
मीडिया से बात करते हुए पीड़ित परिवार ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से लगातार दबाव में थे। कई बार धमकियाँ भी मिलीं कि अगर जमीन नहीं छोड़ी तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि विवाद इस हद तक बढ़ जाएगा कि आरोपी खुलेआम घर में घुसकर हमला कर देंगे।
परिवार का कहना है कि वे लगातार कानून की मदद लेने की कोशिश में रहे, लेकिन उन्हें सचमुच किसी बड़े कदम की आशंका नहीं थी। “हमारा अपराध केवल यही था कि हम अपनी ज़मीन छोड़ना नहीं चाहते थे,” पीड़ित ने कहा।
पुलिस की कार्रवाई: चारों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच जारी
हमले के बाद परिवार सीधे थाने पहुंचा और विस्तृत रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, अनधिकार प्रवेश, धमकी देने और महिला के मंगलसूत्र छीनने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है और घटना से जुड़े संभावित सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि विवाद पहले से चल रहा था और यह हमला उसी की कड़ी है।
थाना प्रभारी ने कहा कि “ऐसे मामलों में हम पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई करेंगे और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दे सकते।”
स्थानीय प्रतिक्रिया: एक परिवार की पीड़ा, पूरे इलाके की चिंता
Land Dispute Crime Case घटना के बाद कोट क्षेत्र में लोग चिंता और आक्रोश में हैं। कई पड़ोसी परिवारों ने कहा कि बढ़ते भूमि विवाद अक्सर हिंसा का रूप ले लेते हैं, और प्रशासन को ऐसे मामलों पर पहले ही हस्तक्षेप कर देना चाहिए ताकि बात इतनी न बढ़े।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच पहले कई बार बातचीत करवाई गई थी, लेकिन ऐसा लगता है कि विवाद का समाधान आपसी सहमति से संभव नहीं हो पाया।
क्या यह सिर्फ एक विवाद है या संकेत बड़ी समस्या का?
विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि विवाद ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बहुत आम हैं, लेकिन जब इन्हें समय पर नहीं सुलझाया जाता तो ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानूनी हस्तक्षेप के बिना ऐसे झगड़े अक्सर हिंसा की ओर बढ़ जाते हैं।









