कोटा, जो अपने प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग संस्थानों के लिए देशभर में जाना जाता है, एक गंभीर चिंता की स्थिति से जूझ रहा है। शहर में एक नाबालिग छात्र, जो JEE (Joint Entrance Examination) की तैयारी कर रहा था, पिछले छह दिनों से लापता है। छात्र ने हॉस्टल से बिना किसी सूचना के बाहर जाने के बाद कभी संपर्क नहीं किया, जिससे परिवार और प्रशासन दोनों ही चिंता में हैं।
छात्र का पृष्ठभूमि और परिवार
जानकारी के अनुसार, यह छात्र अपने हॉस्टल में रहकर पूरी तरह JEE की तैयारी में जुटा था। कोटा में यह आम बात है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्र हॉस्टल में रहते हुए पढ़ाई को प्राथमिकता देते हैं।
छात्र के माता-पिता और छोटे भाई भी कोटा में उसके साथ रह रहे थे। यह दर्शाता है कि परिवार उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर कितना गंभीर और समर्पित है। माता-पिता ने बच्चे की शिक्षा और सफलता के लिए कई व्यक्तिगत त्याग किए हैं।
गायब होने की घटना
छह दिन पहले छात्र अचानक हॉस्टल से बाहर चला गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया। जब परिवार ने देखा कि छात्र लापता है और फोन या किसी अन्य माध्यम से संपर्क नहीं हो पा रहा, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने Missing Person Report दर्ज की और खोज अभियान शुरू कर दिया। अधिकारी अब इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं।
पुलिस की जांच और प्रयास
पुलिस ने हॉस्टल और आसपास के क्षेत्र के CCTV फुटेज खंगाले हैं। साथ ही मोबाइल ट्रैकिंग की मदद से छात्र की संभावित गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उसके दोस्तों, सहपाठियों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि छात्र किस स्थिति में हॉस्टल से बाहर गया।
अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं छात्र किसी मानसिक या भावनात्मक दबाव का शिकार तो नहीं हुआ। कोटा में उच्च दबाव वाली परीक्षा तैयारी का वातावरण कभी-कभी छात्र पर अत्यधिक तनाव डाल सकता है।
परिवार की चिंता और प्रशासन की अपील
छात्र की मां और छोटे भाई बेहद परेशान हैं। परिवार की हर कोशिश असफल रही है और अब उनकी सारी उम्मीदें पुलिस और प्रशासन पर टिकी हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस छात्र के बारे में कोई जानकारी है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। परिवार और अधिकारी दोनों ही उसकी सुरक्षित वापसी की आशा में हैं।
कोटा के परीक्षा माहौल की चुनौतियाँ
Kota JEE Student Missing यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि कोटा जैसे शहरों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का माहौल छात्रों पर कितना मानसिक और भावनात्मक दबाव डालता है। लंबे समय तक अकेले रहना, लगातार पढ़ाई करना और सामाजिक समर्थन से दूर रहना कई बार छात्रों को तनाव, चिंता और भय में डाल सकता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि इस तरह के वातावरण में छात्रों को निरंतर मानसिक समर्थन और निगरानी की आवश्यकता होती है। माता-पिता, शिक्षक और हॉस्टल प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्र मानसिक और भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस करें।









