Unable to bear the grief of his wife leaving for her parents’ home, the father of three children committed suicide at Dogar Bavdi in Khetri.

Unable to bear the grief of his wife leaving for her parents' home, the father of three children committed suicide at Dogar Bavdi in Khetri.

खेतड़ी के डोगर बावड़ी क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक समाचार सामने आया है। यहां एक युवक, जो तीन छोटे बच्चों का पिता था, ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवक अपनी पत्नी के मायके जाने से गहरे तनाव में था। पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त युवक शराब के नशे में भी था, जिसकी वजह से उसने यह चरम कदम उठा लिया।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के मुताबिक, घटना मंगलवार देर रात की है। मृतक युवक अपने घर पर अकेला था। उसकी पत्नी कुछ दिन पहले नाराज़गी या किसी विवाद के चलते मायके चली गई थी। पड़ोसियों ने बताया कि पत्नी के जाने के बाद से युवक बेहद उदास और तनावग्रस्त रहता था। वह अक्सर अकेले बैठकर परेशान दिखाई देता था।

पुलिस को दिए प्रारंभिक बयान में परिजनों ने भी बताया कि पत्नी के घर छोड़कर जाने के बाद युवक मानसिक रूप से काफी टूट चुका था। इसी परेशानी के चलते उसने शराब पीना भी बढ़ा दिया था। माना जा रहा है कि नशे की हालत में वह अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सका और आत्महत्या जैसे घातक निर्णय पर पहुंच गया।

मौके पर मिली जानकारी

जब परिवार के सदस्यों ने उसे लगातार कमरे से बाहर न आते देखा, तो उन्होंने दरवाज़ा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी दंग रह गए। युवक का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

डोगर बावड़ी पुलिस चौकी से अधिकारी मौके पर पहुंचे और कमरे की जांच-पड़ताल की। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन परिवार और पड़ोसियों से मिली जानकारी ने इस दुखद घटना की पृष्ठभूमि साफ कर दी।

तीन छोटे बच्चों का भविष्य अनिश्चित

इस घटना ने न केवल एक परिवार को सदमे में डाल दिया है, बल्कि तीन मासूम बच्चों का भविष्य भी अधर में लटका दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि बच्चे अक्सर अपने पिता के साथ खेलते दिखाई देते थे। परिवार और आसपास के लोग इस बात से पूरी तरह टूट चुके हैं कि अब ये बच्चे पिता के साये के बिना कैसे बड़े होंगे।

उनमें सबसे बड़ा बच्चा अभी स्कूल जाने लायक है, जबकि दो छोटे बच्चे खेलने-कूदने की उम्र में हैं। परिवार के बड़े सदस्य अब बच्चों की जिम्मेदारी उठाने की तैयारी में हैं, लेकिन इस सदमे ने सभी को हिला दिया है।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भिजवा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो जाएगी।

फिलहाल पुलिस परिवार के सदस्यों और करीबियों से बयान ले रही है ताकि यह समझा जा सके कि घटना से पहले घर की स्थिति कैसी थी, क्या कोई विवाद हुआ था, या क्या युवक पहले भी मानसिक तनाव से गुजर रहा था।

अगर जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो मामले को उसी अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

मानसिक तनाव को नज़रअंदाज़ करना कितना खतरनाक

यह घटना एक बार फिर यह सिखाती है कि रिश्तों में तनाव, भावनात्मक पीड़ा और अकेलापन व्यक्ति को किस हद तक तोड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभी भी बेहद कम है। लोग तनाव, अवसाद या रिश्तों की समस्याओं को बीमारी नहीं, बल्कि कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि भावनात्मक तनाव शरीर और दिमाग दोनों को कमजोर करता है और इंसान को गलत कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकता है। इस मामले में भी, पत्नी के जाने का दुख और शराब का नशा मिलकर युवक को उस मोड़ पर ले गया, जहां उसने जीवन से हार मान ली।

समाज और परिवार की भूमिका

Khetri Dogar Bawri Suicide Case ऐसी घटनाओं में समाज और परिवार की भूमिका बेहद अहम होती है। अगर आसपास के लोग यह महसूस कर लें कि कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से परेशान है, तो उससे बात करना, उसे समझाना और उसका साथ देना उसकी जिंदगी बदल सकता है।

कई बार एक छोटा सा कदम—जैसे किसी दोस्त का फोन, किसी रिश्तेदार का साथ बैठकर बात करना, या किसी सामाजिक संस्था से संपर्क—एक बड़ी त्रासदी को रोक सकता है।

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