राजस्थान के झुंझुनूं जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। भेड़ा की ढाणी के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके का दृश्य बेहद हृदयविदारक हो गया। स्थानीय प्रशासन और रेलवे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे का स्थान और घटनाक्रम
यह दुर्घटना झुंझुनूं शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित भेड़ा की ढाणी के नजदीक हुई। यह इलाका रेलवे लाइन के काफी करीब बसा हुआ है, जहां अक्सर ग्रामीणों की आवाजाही रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय एक तेज रफ्तार ट्रेन उस ट्रैक से गुजर रही थी। कुछ लोगों ने ट्रेन की चेतावनी सीटी और इमरजेंसी सिग्नल की आवाज सुनी, लेकिन इससे पहले कि कोई ठोस कदम उठाया जा पाता, युवक ट्रेन की चपेट में आ चुका था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। ट्रेन चालक ने संभवतः आपातकालीन ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन दूरी कम होने के कारण टक्कर टल नहीं सकी।
मौके पर मचा हड़कंप
घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में वहां भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने सबसे पहले क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया ताकि जांच में किसी तरह की बाधा न आए।
टक्कर की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शव की स्थिति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। शुरुआती पहचान में काफी कठिनाई आई। पुलिस टीम ने सावधानीपूर्वक अवशेषों को एकत्रित कर जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।
पहचान की प्रक्रिया जारी
समाचार लिखे जाने तक मृतक की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। पुलिस का कहना है कि परिजनों को सूचित करने से पहले पहचान की औपचारिक पुष्टि जरूरी है। इसके लिए प्रशासन कई स्तरों पर काम कर रहा है।
जांच के तहत पुलिस द्वारा उठाए जा रहे कदमों में शामिल हैं:
- आसपास के गांवों से लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट खंगालना।
- घटनास्थल से मिले किसी भी पहचान पत्र या व्यक्तिगत सामान की जांच।
- स्थानीय निवासियों से पूछताछ, ताकि यह पता चल सके कि क्या किसी ने युवक को हादसे से पहले पटरियों के पास देखा था।
रेलवे पुलिस ने भी मामले को दर्ज कर लिया है और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।
हादसे के कारणों पर संशय
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह दुर्घटना लापरवाहीवश ट्रैक पार करने के दौरान हुई या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण था। ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग अधिकृत फाटक की बजाय सीधे पटरियों को पार कर लेते हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इंजन की तकनीकी लॉगबुक और ड्राइवर के बयान की भी जांच की जाएगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि हादसे से ठीक पहले क्या परिस्थितियां थीं—क्या ट्रेन की रफ्तार निर्धारित सीमा में थी, क्या चालक ने समय रहते सिग्नल दिया, और क्या ब्रेकिंग सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा था।
ग्रामीण इलाकों में लगातार खतरा
Jhunjhunu train accident झुंझुनूं और आसपास के कई गांवों में रेलवे लाइन बस्तियों के बेहद करीब से गुजरती है। ऐसे में बिना अधिकृत क्रॉसिंग के ट्रैक पार करना आम बात है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता की कमी और सुविधाओं का अभाव ऐसे हादसों को बढ़ावा देता है।
रेलवे समय-समय पर चेतावनी अभियान चलाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों की आदतों में बदलाव लाना चुनौतीपूर्ण साबित होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बच्चे और युवा पटरियों के पास बैठकर बातचीत करते या शॉर्टकट के तौर पर ट्रैक पार करते देखे जाते हैं।









