Police remand of three accused, including Ravindra Katewa, extended in Jhunjhunu gang war case

Police remand of three accused, including Ravindra Katewa, extended in Jhunjhunu gang war case

झुंझुनूं में हाल के दिनों में सामने आए गैंगवार के मामलों की जांच अब एक नए और निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। स्थानीय अदालत ने कुख्यात अपराधी रवींद्र कटेवा और उसके दो साथियों की पुलिस रिमांड बढ़ाने की अनुमति दे दी है। इससे पुलिस को न सिर्फ हिंसक वारदातों की कड़ियां जोड़ने का वक्त मिलेगा, बल्कि उस पूरे आपराधिक नेटवर्क को भी बेनकाब करने का मौका मिलेगा, जो जिले की शांति व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रहा है।

अदालत से मिली राहत, जांच को मिली नई दिशा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक की पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, लेकिन मामले की गहराई को देखते हुए और समय की जरूरत महसूस की गई। इसी आधार पर पुलिस ने अदालत से रिमांड बढ़ाने की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि रवींद्र कटेवा और उसके करीबी सहयोगी हालिया गैंगवार के केंद्र में हैं और इनके जरिए कई बड़े खुलासे संभव हैं।

हिंसा से आगे बढ़कर अब पैसों के खेल की जांच

अब तक की कार्रवाई में पुलिस का फोकस सीधे-सीधे हिंसक घटनाओं, फायरिंग और आपसी रंजिश से जुड़ी वारदातों पर था। लेकिन ताजा रिमांड के बाद जांच की दिशा बदल दी गई है। अब पुलिस का असली निशाना गिरोह की आर्थिक ताकत है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कटेवा गैंग ने अपराध से अर्जित धन को जिले और आसपास के इलाकों में जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों में निवेश किया है। इनमें से कई संपत्तियां न तो आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज हैं और न ही इनके स्रोत स्पष्ट हैं। पुलिस अब इन्हीं काली कमाई के निवेशों का पूरा खाका तैयार कर रही है।

आमने-सामने पूछताछ से खुल सकते हैं राज

रिमांड बढ़ने के बाद पुलिस अब आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर गहन पूछताछ करेगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि हिरासत में रहकर आरोपी उन स्थानों, संपत्तियों और लोगों के नाम उजागर कर सकते हैं, जो अब तक पर्दे के पीछे रहकर गिरोह को संरक्षण या आर्थिक मदद दे रहे थे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“गैंगवार सिर्फ हथियारों से नहीं चलता, इसके पीछे मजबूत फंडिंग होती है। हमारा लक्ष्य है कि इस फंडिंग चैनल को पूरी तरह तोड़ा जाए, ताकि भविष्य में ऐसे अपराध दोबारा पनप न सकें।”

झुंझुनूं में गैंगवार का बढ़ता असर

पिछले कुछ समय से झुंझुनूं जिले में प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आई है। फायरिंग, धमकियों और बदले की कार्रवाई ने आम लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इन झड़पों के पीछे सत्ता, जमीन और अवैध वसूली को लेकर चल रही अंदरूनी लड़ाई है।

रवींद्र कटेवा और उसके साथी इस संघर्ष में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि कई घटनाओं की साजिश इन्हीं के इशारे पर रची गई।

अवैध हथियारों और नेटवर्क की तलाश

जांच के दौरान पुलिस अब इन अहम बिंदुओं पर विशेष ध्यान दे रही है—

  • हालिया झड़पों में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार कहां से आए
  • किन लोगों ने हथियारों की सप्लाई या छिपाने में मदद की
  • गिरोह के अंदर कमान किसके हाथ में है और कौन फैसले ले रहा है
  • कौन से तथाकथित “सफेदपोश” लोग परदे के पीछे रहकर सहयोग कर रहे हैं

पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के इस बढ़े हुए समय में इन सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

अगले चरण में हो सकती हैं छापेमारी

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कुछ संभावित ठिकानों की पहचान कर ली है। रिमांड अवधि के दौरान मिली जानकारी के बाद विशेष टीमें बनाई जाएंगी, जो जिले और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर सकती हैं। इन कार्रवाइयों का मकसद अवैध संपत्तियों, नकदी और हथियारों को जब्त करना है।

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है कार्रवाई

पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि यह पूरी कार्रवाई शेखावाटी क्षेत्र में संगठित अपराध के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि अब सिर्फ छोटे अपराधियों पर नहीं, बल्कि पूरे गिरोह और उसकी जड़ों पर वार किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त

Jhunjhunu Gang War Investigation रिमांड बढ़ने के बाद पूछताछ केंद्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस किसी भी तरह की बाहरी दखलअंदाजी या प्रतिद्वंद्वी गिरोहों की ओर से हालात बिगाड़ने की कोशिश को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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