Shocking arrest of history-sheeter’s killer in Jaipur

Shocking arrest of history-sheeter's killer in Jaipur

अपराध की दुनिया में अक्सर ऐसे मोड़ आते हैं, जो किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसे लगते हैं। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक ऐसे ही सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है। हिस्ट्रीशीटर की हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन जिस हालत और भेष में वह पकड़ा गया, उसने सबको हैरान कर दिया।

यह वांछित अपराधी शहर की सड़कों पर भिखारी बनकर रह रहा था। फटे-पुराने कपड़े, गंदा हुलिया और आधा मुंडा हुआ सिर—यह सब उसकी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था, ताकि वह भीड़ में पहचान से बच सके और पुलिस की नजरों से दूर रह सके।

भेष बदलकर अपराध से बचने की साजिश

जब पुलिस ने आरोपी को दबोचा, तब उसके हुलिए और असलियत में जमीन-आसमान का फर्क था। हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने वाला यह व्यक्ति खुद को इतना मजबूर और बेबस दिखा रहा था कि पहली नजर में कोई भी उसे सड़क किनारे बैठा एक सामान्य भिखारी ही समझता।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने जानबूझकर अपने कपड़े फाड़े हुए थे और उन्हें कई दिनों से नहीं धोया गया था। सिर के बाल भी आंशिक रूप से मुंडवा लिए गए थे, ताकि चेहरा बदला हुआ लगे और सीसीटीवी कैमरों या पुराने फोटो से पहचान न हो सके। यह तरीका अपराधी अक्सर अपनाते हैं, जिससे उनकी प्रोफाइल और चेहरे की पहचान बदल जाए।

भीड़ में छिपकर जीने की कोशिश

आरोपी दिनभर जयपुर के व्यस्त इलाकों में अन्य बेसहारा लोगों के बीच बैठा रहता था। भीड़भाड़ और अव्यवस्था को उसने अपनी ढाल बना लिया था। वह जानता था कि सड़क पर रहने वालों पर आमतौर पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते, और यही लापरवाही उसके लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना बन गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह कभी एक जगह ज्यादा देर नहीं रुकता था। जगह बदलते रहना, अलग-अलग इलाकों में दिखना और किसी से ज्यादा बातचीत न करना उसकी दिनचर्या का हिस्सा था। इस तरह वह खुद को “सिस्टम” से अदृश्य बनाए रखने की कोशिश कर रहा था।

दो दिन की खामोश निगरानी

इस गिरफ्तारी के पीछे महज संयोग नहीं, बल्कि जयपुर पुलिस की सूझबूझ और धैर्यपूर्ण रणनीति काम कर रही थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हत्या का आरोपी भेष बदलकर शहर में ही छिपा हुआ है। इसके बाद तुरंत कोई जल्दबाजी नहीं की गई।

पुलिस ने अंडरकवर टीमों को तैनात किया और पूरे दो दिन तक संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इस दौरान उसकी चाल-ढाल, उठने-बैठने का तरीका और रोजमर्रा की आदतों को ध्यान से देखा गया। मकसद यह सुनिश्चित करना था कि पकड़ा जाने वाला व्यक्ति वही वांछित अपराधी है, न कि कोई निर्दोष बेसहारा।

बिना भनक लगे दबोचा गया आरोपी

पूरी पुष्टि के बाद पुलिस ने सटीक समय पर कार्रवाई की। आरोपी को जरा भी अंदाजा नहीं हुआ कि जिस पुलिस से वह महीनों से बचता फिर रहा था, वही उसे इतने करीब से देख रही है। बिना किसी हंगामे और प्रतिरोध के उसे हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि थोड़ी सी भी चूक होती, तो आरोपी एक बार फिर गलियों और भीड़ में गुम हो सकता था। इसलिए ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया।

हत्या के मामले में अहम कड़ी

अब आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही हिस्ट्रीशीटर की हत्या से जुड़ी जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और क्या इस वारदात में कोई और भी शामिल था।

यह भी जांच का विषय है कि फरारी के दौरान आरोपी को किसी ने मदद दी थी या वह पूरी तरह अकेले ही इस भेष में जी रहा था।

पुलिस की बड़ी सफलता

Jaipur Police Arrest इस गिरफ्तारी को जयपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। यह मामला दिखाता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न कर ले, कानून से हमेशा नहीं बच सकता। साथ ही यह भी साफ होता है कि पुलिस को चकमा देने के लिए अपराधी किस हद तक जा सकते हैं।

फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े कई और राज़ सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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