Tension escalates after electrician assaulted in Hukumpura; employees warn of agitation

Tension escalates after electrician assaulted in Hukumpura; employees warn of agitation

हुकुमपुरा गांव में बिजली विभाग के एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद माहौल गर्म हो गया है। विभागीय कर्मचारियों में गहरा रोष है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें सुरक्षा और कानूनी संरक्षण का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक वे निर्भय होकर मैदान में काम नहीं कर सकते।

केबल काटने के दौरान हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग का एक फील्ड कर्मचारी हुकुमपुरा गांव में तकनीकी खराबी दूर करने और लाइन मेंटेनेंस के लिए पहुंचा था। यह कार्य विभाग की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसमें जरूरत पड़ने पर कुछ केबल हटाने या अस्थायी रूप से काटने की कार्रवाई भी शामिल होती है।

बताया जा रहा है कि कर्मचारी ने जब निर्धारित नियमों के तहत कुछ केबल हटाने की प्रक्रिया शुरू की, तभी कुछ स्थानीय लोग वहां पहुंच गए। पहले कहासुनी हुई, फिर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और आरोप है कि कर्मचारी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।

इस घटना ने न केवल एक सरकारी कर्मचारी की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को पहले ही कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।

शिकायत के बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआईआर?

घटना के बाद पीड़ित कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन विभाग के अन्य कर्मचारियों का आरोप है कि अब तक मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं की गई है। यही बात कर्मचारियों के आक्रोश का मुख्य कारण बन गई है।

बुधवार को बड़ी संख्या में बिजली विभाग के कर्मचारी एकत्र हुए और उन्होंने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यदि सरकारी कर्मचारी के साथ ड्यूटी के दौरान मारपीट होती है और फिर भी समय पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तो यह बेहद गंभीर संकेत है।

एक कर्मचारी प्रतिनिधि ने कहा, “हम 24 घंटे सेवा देने के लिए तैयार रहते हैं। बारिश हो या गर्मी, दिन हो या रात—हम बिजली व्यवस्था सुचारु रखने के लिए काम करते हैं। लेकिन अगर ड्यूटी के दौरान हमारी सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी, तो काम करना मुश्किल हो जाएगा।”

आंदोलन की चेतावनी

कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कार्य बहिष्कार करेंगे और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल एक कर्मचारी का मामला नहीं है, बल्कि पूरे विभाग की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।

कर्मचारियों का मानना है कि अगर इस मामले में ढिलाई बरती गई तो भविष्य में ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति हो सकती है। इसलिए वे चाहते हैं कि प्रशासन स्पष्ट संदेश दे कि सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है असर

यदि कर्मचारियों ने हड़ताल या कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाया, तो इसका सीधा असर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पर पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में पहले ही बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में कर्मचारियों के आंदोलन से आमजन को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

स्थानीय प्रशासन अब दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है—एक ओर कानून-व्यवस्था की स्थिति संभालना और दूसरी ओर सार्वजनिक सेवाओं को बाधित होने से बचाना। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी मामले को सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं और दोनों पक्षों से बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है।

सुरक्षा की मांग

बिजली विभाग के कर्मचारियों की मांग है कि फील्ड में काम करने वाले कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। उनका सुझाव है कि संवेदनशील क्षेत्रों में लाइनमैन या तकनीकी स्टाफ के साथ पुलिस या स्थानीय प्रशासन का सहयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

कर्मचारियों का कहना है कि वे जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन सुरक्षा और सम्मान के साथ। यदि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाता है, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

प्रशासन पर बढ़ता दबाव

Hukumpura Power Worker Assault घटना के बाद से प्रशासन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। कर्मचारी संगठन एकजुट नजर आ रहे हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने साथी के साथ खड़े हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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