इंश्योरेंस की राशि के लिए पत्नी की निर्मम हत्या: पत्थर से सिर कुचला, रोड एक्सीडेंट की झूठी कहानी सुनाता रहा पति

Brutal murder of wife for insurance money: Head crushed with a stone, husband kept narrating a false road accident story

— नवलगढ़ (झुंझुनूं) से बड़ी खबर

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है। जहां एक पति ने ₹10 लाख की इंश्योरेंस रकम पाने के लालच में अपनी पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने इसे रोड एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की तफ्तीश ने उसकी साजिश को बेनकाब कर दिया।

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, आरोपी पति ने बीमा कंपनी से मिलने वाली 10 लाख रुपये की राशि के लिए पहले से योजना बना रखी थी। उसने अपनी पत्नी के सिर पर भारी पत्थर से हमला किया, जिससे उसकी मौत मौके पर ही हो गई। इसके बाद पति ने पुलिस और परिवार वालों को बताया कि उनकी पत्नी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई है।

साजिश में आई दरार

शुरुआती जांच में सब कुछ सड़क हादसे जैसा ही दिखा, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि महिला की मौत सड़क हादसे के बजाय सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। पति ने आखिरकार अपनी करतूत कबूल की और बताया कि उसने पत्नी की हत्या बीमा राशि पाने के लिए की थी।

पति की चालाकी और झूठ

पुलिस के सामने आरोपी पति ने बताया कि वह खुद को मासूम दिखाने के लिए रोड एक्सीडेंट की कहानी बार-बार दोहराता रहा। उसने यह सोचकर यह कुकृत्य किया कि बीमा कंपनी की पॉलिसी में एक्सीडेंट की मौत पर ही क्लेम मिलेगा। पति के इस कृत्य ने परिवार को तोड़कर रख दिया है।

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामला दर्ज कर जांच जारी है। साथ ही, बीमा कंपनी को भी सूचित किया गया है ताकि वह इस मामले की पड़ताल कर सके और बीमा राशि के संबंध में उचित कार्रवाई की जा सके।

महत्वपूर्ण तथ्य और हाईलाइट्स

  • पति ने बीमा पॉलिसी के लिए अपनी पत्नी को पत्थर से सिर पर वार कर हत्या की।
  • हत्या के बाद पति ने साजिश रचकर इसे रोड एक्सीडेंट का रूप दिया।
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने हत्या की असलियत सामने ला दी।
  • आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
  • बीमा कंपनी को भी इस मामले की सूचना दे दी गई है।

सामाजिक और कानूनी पहलू

यह मामला यह दिखाता है कि जीवन बीमा की रकम पाने की लालसा कभी-कभी इंसान को हद से गुजरने पर मजबूर कर देती है। बीमा कंपनियों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसी पॉलिसियों के क्लेम की जांच पूरी गंभीरता से करें ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पैसों के लिए इंसान अपने नजदीकी रिश्तों को कैसे खत्म कर देता है। न्याय व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि इस केस में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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