‘Zero tolerance’ for molestation in Gudhagaudji: Police crackdown, four youths arrested

'Zero tolerance' for molestation in Gudhagaudji: Police crackdown, four youths arrested

गुढ़ागौड़जी कस्बे में छात्राओं के साथ हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं पर अब पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। स्थानीय थाने की टीम ने एक विशेष अभियान चलाते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर स्कूल और कॉलेज के बाहर छात्राओं से अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है—शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अब लगातार निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी, ताकि बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

शिकायतों के बाद हरकत में आई पुलिस

पिछले कुछ समय से अभिभावकों और छात्राओं की ओर से “ईव-टीजिंग” और आपत्तिजनक टिप्पणियों की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि कुछ युवक स्कूल-कॉलेज के गेट के आसपास भीड़ लगाकर खड़े रहते, फब्तियां कसते और अश्लील इशारे करते थे। बढ़ती शिकायतों को देखते हुए गुढ़ागौड़जी पुलिस ने रणनीति तैयार की और अलग-अलग टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया।

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को तब पकड़ा गया जब वे छात्राओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे थे। मौके पर मौजूद टीम ने उन्हें हिरासत में लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई एक-दो दिन की मुहिम नहीं, बल्कि आदतन उत्पीड़न करने वालों की पहचान कर सख्त दंड दिलाने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

स्कूल-कॉलेज के समय पर खास निगरानी

थाना प्रभारी ने बताया कि सुबह और दोपहर—जब छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं—उसी समय सबसे ज्यादा निगरानी रखी जाएगी। मोबाइल पुलिस यूनिट्स कोचिंग सेंटरों और छात्रावासों के आसपास नियमित चक्कर लगाएंगी। उद्देश्य साफ है: जहां-जहां छात्राएं आती-जाती हैं, वहां कानून की मौजूदगी दिखनी चाहिए।

पुलिस की नई रणनीति में कुछ अहम कदम शामिल हैं:

  • सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी: संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अंडरकवर तैनाती, ताकि रंगे हाथों पकड़ना आसान हो।
  • गश्त में बढ़ोतरी: स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और हॉस्टल के पास लगातार पेट्रोलिंग।
  • सख्त दस्तावेजीकरण: बिना वजह मंडराने वालों का रिकॉर्ड तैयार करना, ताकि दोबारा अपराध करने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

अधिकारियों का मानना है कि सख्ती के साथ-साथ निरंतर उपस्थिति ही ऐसे अपराधों पर अंकुश लगा सकती है।

“छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि”

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता छात्राओं की सुरक्षा है। शैक्षणिक संस्थान सीखने के स्थान हैं, डर का नहीं। महिलाओं की गरिमा से समझौता करने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं है।” प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि शिकायत करने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, ताकि पीड़ित या उनके परिवार को किसी तरह की असुविधा न हो।

स्थानीय प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न की सूचना तुरंत पुलिस को दें। कई बार छोटी घटनाएं नजरअंदाज कर दी जाती हैं, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकती हैं। इसलिए समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है।

समुदाय का समर्थन, उम्मीदें बढ़ीं

पुलिस की इस कार्रवाई का स्थानीय समुदाय ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल-कॉलेज के बाहर वर्दी की मौजूदगी से बेटियों का मनोबल बढ़ेगा। कुछ सामाजिक संगठनों ने भी इसे सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई है कि निरंतर अभियान से माहौल सुरक्षित बनेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ को “छोटी शरारत” मानना एक गंभीर भूल है। यही व्यवहार आगे चलकर बड़े अपराधों का रूप ले सकता है। इसलिए शुरुआती स्तर पर ही सख्ती जरूरी है। पुलिस का यह “जीरो टॉलरेंस” रुख संभावित आरोपियों के लिए कड़ा संदेश है कि कानून अब हरकत में है।

आगे क्या?

GudhaGaurji Police Crackdown गुढ़ागौड़जी पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी निगरानी अभियान चलाए जाएंगे। यदि जरूरत पड़ी तो संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कवरेज और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम भी बढ़ाए जाएंगे। स्कूल प्रशासन से भी समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने तक पहुंचे।

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