Accused arrested from Mumbai in ₹3.40 lakh foreign job scam

Accused arrested from Mumbai in ₹3.40 lakh foreign job scam

मुंबई – विदेश में नौकरी पाने का सपना दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करीब ₹3.40 लाख के इस ओवरसीज जॉब फ्रॉड मामले में आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था, लेकिन लगातार की जा रही निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर उसे मुंबई से दबोच लिया गया। इस गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय रोजगार ठगी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खुद को “विदेशी नौकरी दिलाने वाला एजेंट” बताकर बेरोज़गार युवाओं और विदेश जाने के इच्छुक लोगों को निशाना बनाता था। वह आकर्षक सैलरी, बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य का लालच देकर पीड़ितों से पैसे ऐंठता और फिर गायब हो जाता था।

बेहतर ज़िंदगी का सपना बना ठगी का जाल

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। आरोपी ने खुद को एक भरोसेमंद एजेंट के रूप में पेश किया और कहा कि वह वीज़ा प्रोसेसिंग, फ्लाइट टिकट, मेडिकल और अन्य कागजी कार्रवाई संभालेगा।

इन सभी औपचारिकताओं के नाम पर पीड़ितों से अलग-अलग किश्तों में पैसे मंगवाए गए। धीरे-धीरे यह रकम ₹3.40 लाख तक पहुंच गई। पैसे मिलने के बाद आरोपी का रवैया बदल गया—फोन बंद, मैसेज का जवाब नहीं और ऑफिस का पता फर्जी निकला।

जब पीड़ितों को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है, तब उन्होंने पुलिस का दरवाज़ा खटखटाया। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि यह कोई साधारण मामला नहीं, बल्कि योजनाबद्ध वित्तीय ठगी है।

गिरफ्त से बचने के लिए बदलता रहा ठिकाने

शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया और लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा। पुलिस के लिए उसे पकड़ना आसान नहीं था। जांच टीम ने तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय सूत्रों की मदद से उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी।

काफी मशक्कत के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मुंबई में छिपा हुआ है। इसके बाद एक विशेष टीम बनाई गई और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

बड़े गिरोह की आशंका, जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले इस ठगी को अंजाम दे रहा था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। अधिकारियों को शक है कि यह एक संगठित “ओवरसीज रिक्रूटमेंट स्कैम” का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कई एजेंट और फर्जी कंपनियां शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपी ने अन्य राज्यों या शहरों में भी लोगों को ठगा है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।

पुलिस की जनता से अपील: सतर्क रहें

Foreign job fraud case इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस और प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, खासकर उन युवाओं से जो विदेश जाकर काम करने का सपना देखते हैं। अधिकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की हैं:

  • एजेंसी की जांच करें: विदेश नौकरी दिलाने वाली किसी भी एजेंसी की वैधता ज़रूर जांचें। यह सुनिश्चित करें कि वह विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) में पंजीकृत हो।
  • बैंक ट्रांसफर से सावधान: किसी निजी खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले सौ बार सोचें।
  • बहुत अच्छे ऑफर से बचें: अगर कोई ऑफर हद से ज़्यादा अच्छा लगे, तो वह अक्सर फर्जी होता है।
  • शिकायत दर्ज करें: जरा सा भी शक हो तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

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