सोशल मीडिया की सनक चढ़ी भारी: फेमस होने के लिए फांसी लगाने का नाटक करने वाला युवक गिरफ्तार

Social media craze takes a toll: Man arrested for pretending to hang himself to gain fame

आज के दौर में सोशल मीडिया की लोकप्रियता और वायरल होने की चाह ने कई युवाओं को ऐसी हरकतों की ओर धकेल दिया है, जो न केवल समाज में गलत संदेश फैलाती हैं, बल्कि कानूनी मुसीबत का कारण भी बनती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक युवक ने केवल लाइक्स, व्यूज़ और ‘फेम’ पाने की चाह में अपनी ही ‘आत्महत्या’ का ड्रामा रच दिया। वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और युवक को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया गया।

कैसे हुआ मामला वायरल

बताया जा रहा है कि युवक ने सोशल मीडिया पर एक रील पोस्ट की, जिसमें वह पंखे पर फांसी का फंदा बांधकर खुद को लटकाने का नाटक करता दिखाई दिया। वीडियो को इस तरह शूट किया गया था कि देखने वाले को लगे कि वह वास्तव में आत्महत्या करने जा रहा है।
वीडियो के सामने आते ही प्लेटफॉर्म पर हड़कंप मच गया। कई लोगों ने इसे वास्तविक घटना समझ पुलिस और हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कीं। लोगों की चिंता बढ़ती देख पुलिस ने बिना देर किए युवक की लोकेशन ट्रेस की और तुरंत टीम को उसके घर भेजा।

पुलिस पहुंची तो खुला सच

जब पुलिस युवक के घर पहुंची तो वह बिल्कुल सुरक्षित मिला। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि यह सब उसने केवल सोशल मीडिया पर ‘फेम’ पाने के लिए किया।
पुलिस ने मौके पर ही वीडियो बनाने के इस्तेमाल किए गए उपकरण और मोबाइल बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

कानूनी कार्रवाई क्यों हुई?

पहली नज़र में भले ही यह मज़ाक या स्टंट लग सकता है, लेकिन कानून के अनुसार यह एक गंभीर अपराध है।
ऐसी झूठी घटनाएँ:

  • पुलिस और प्रशासन के संसाधनों का दुरुपयोग करती हैं
  • अनावश्यक भय और तनाव पैदा करती हैं
  • समाज में आत्महत्या को हल्के में लेने जैसा माहौल बनाती हैं

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:

“सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए इस तरह की हरकतें न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि बेहद गैरजिम्मेदाराना भी। इससे वास्तविक आपात स्थितियों में मदद पहुंचाने का समय और शक्ति बर्बाद होती है।”

युवक के ख़िलाफ़ अब झूठी सूचना फैलाने और सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

सोशल मीडिया और ‘फेम’ की मानसिकता

यह घटना आज की उस मानसिकता को सामने लाती है, जहां लाइक्स, कमेंट और व्यूज़ को सफलता का पैमाना मान लिया गया है।
कुछ लोग इस हद तक चले जाते हैं कि जोखिम, शर्म और कानून—सब पीछे छूट जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • डिजिटल पहचान अब स्वयं की वास्तविक पहचान से अधिक महत्वपूर्ण मानी जाने लगी है
  • सोशल मीडिया के नशे में जागरूकता और जिम्मेदारी पीछे छूट रही है
  • युवा बिना सोचे-समझे संकट, हिंसा और आत्महत्या जैसे विषयों पर प्रयोग करने लगे हैं

पुलिस और समाज का संदेश

Fake Suicide Viral Video Case पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

  • ऐसा कोई भी कंटेंट देखें तो तुरंत रिपोर्ट करें
  • आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट को कभी प्रोत्साहन न दें
  • कंटेंट क्रिएशन में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता ज़रूरी है

साथ ही, मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि:

“अगर कभी जीवन को लेकर निराशा या तनाव हो, तो बात करें, मदद लें, लेकिन सोशल मीडिया स्टंट कभी न करें।”

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