झुंझुनूं जिले के धिंधवा गांव में गुरुवार सुबह जैसे ही एक युवक का शव सड़क किनारे मिलने की खबर फैली, पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। गांव, जहां आमतौर पर सुबह की शुरुआत चहल-पहल और खेतों की ओर जाते लोगों की आवाजाही से होती है, वहां आज हर चेहरे पर हैरानी और दुख साफ दिखाई दे रहा था। मामला रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत का है, और परिजन इसे महज हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन कई सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं।
सुबह की पहली खबर और बढ़ती भीड़
बताया जा रहा है कि तड़के कुछ राहगीरों ने सड़क के पास एक युवक को अचेत हालत में पड़ा देखा। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई बीमार या घायल होगा, लेकिन पास जाकर देखने पर स्थिति गंभीर नजर आई। तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। मेडिकल टीम मौके पर पहुंची, मगर तब तक युवक दम तोड़ चुका था। यह खबर आग की तरह गांव में फैल गई और थोड़ी ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मृतक की पहचान गांव के ही एक स्थानीय निवासी के रूप में हुई। पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था, और हर कोई यही पूछ रहा था—आखिर रातों-रात ऐसा क्या हो गया?
एक फोन कॉल और घर से निकलना
परिजनों के मुताबिक, घटना की शुरुआत देर रात हुई। युवक घर पर ही था, तभी उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया। परिवार के लोगों ने बताया कि बातचीत ज्यादा लंबी नहीं चली, लेकिन कॉल खत्म होते ही वह अचानक घर से बाहर जाने की तैयारी करने लगा। जब उससे पूछा गया कि कहां जा रहे हो, तो उसने साफ जवाब नहीं दिया। इतना जरूर कहा कि “थोड़ी देर में वापस आ जाऊंगा।”
गांवों में देर रात बाहर निकलना आम बात नहीं होती, इसलिए घरवालों को हल्की चिंता जरूर हुई। मगर उन्हें लगा कि शायद किसी दोस्त या जान-पहचान वाले से मिलने जा रहा होगा। समय बीतता गया, लेकिन युवक वापस नहीं लौटा। रात गहराती रही और परिवार की बेचैनी बढ़ती चली गई।
इंतजार से सदमे तक
सुबह होने तक घरवालों ने कई जगह फोन कर पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच सड़क किनारे शव मिलने की सूचना गांव पहुंची। जब परिवार के लोग वहां पहुंचे और पहचान की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस बेटे या भाई के लौटने का इंतजार था, वह इस हालत में मिलेगा, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
परिजनों का कहना है कि युवक का किसी से खुला विवाद नहीं था। ऐसे में अचानक इस तरह मौत होना उन्हें संदिग्ध लग रहा है। उनका शक उस फोन कॉल पर टिक गया है, जिसके बाद वह घर से निकला था।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया ताकि घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। शव को पोस्ट-मार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा हो पाएगा।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल हर पहलू से जांच की जा रही है। युवक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश है कि आखिरी बार किसने उससे संपर्क किया और किन परिस्थितियों में वह घर से निकला।
अधिकारी का कहना था, “अभी किसी भी संभावना को नकारा नहीं जा सकता। पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद स्थिति साफ होगी।”
गांव में बेचैनी, सवालों की भरमार
धिंधवा छोटा सा गांव है, जहां लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं। ऐसे में इस घटना ने हर किसी को भीतर तक हिला दिया है। चौपालों पर बस इसी चर्चा ने जगह ले ली है। लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, लेकिन सच क्या है, यह फिलहाल किसी को नहीं पता।
कुछ ग्रामीणों का मानना है कि अगर युवक को किसी ने बुलाया था, तो उस व्यक्ति की पहचान होना बेहद जरूरी है। वहीं कई लोग पुलिस से निष्पक्ष और तेज जांच की उम्मीद कर रहे हैं।
परिवार की मांग – सच्चाई सामने आए
मृतक के परिजनों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की गहराई से जांच हो। उनका कहना है कि उन्हें पूरी सच्चाई जाननी है—चाहे वह कितनी भी कड़वी क्यों न हो। परिवार का आरोप है कि बिना पूरी पड़ताल के इसे साधारण घटना मान लेना ठीक नहीं होगा।
गमगीन माहौल में रिश्तेदार और आसपास के गांवों से लोग सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। हर किसी के मन में एक ही सवाल है—आखिर वह फोन किसका था, जिसने एक घर की दुनिया उजाड़ दी?









