झुंझुनू में रहने वाले भाकरा निवासी धर्मेंद्र सिंह थोड़ी पिछले दो महीनों से ऐसी पीड़ा से गुजर रहे हैं, जिसकी हर दिन बढ़ती चिंता ने उनका जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सितंबर 2024 में उनकी पत्नी अचानक घर से गायब हो गई। शुरुआत एक सामान्य गुमशुदगी रिपोर्ट के तौर पर हुई थी, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मामला उलझता चला गया। सामने आए तथ्यों में संकेत मिले कि महिला किसी ऐसे व्यक्ति के साथ गई है जिसे वह लंबे समय से अपना “धर्म भाई” कहती थी। धर्मेंद्र सिंह लगातार पुलिस से लेकर आम जनता तक सभी से अपनी पत्नी की खोज में मदद की गुहार लगा रहे हैं—उनका कहना है कि उनकी पत्नी के लौटने का सबसे बड़ा कारण उनकी छोटी बेटी और बीमार ससुर-सास हैं, जिनकी देखभाल वह कर रही थी।
दस साल की शादी, सामान्य जीवन, फिर अचानक बदलाव
धर्मेंद्र सिंह और उनकी पत्नी की शादी को एक दशक हो चुका था। दोनों झुंझुनू में रहते थे। धर्मेंद्र बताते हैं कि उनकी पत्नी टीचर भर्ती की तैयारी कर रही थी और उनकी बेटी इस समय पांचवीं कक्षा में पढ़ रही है। परिवार में किसी प्रकार का बड़ा विवाद या तनाव कभी नहीं रहा था।
धर्मेंद्र अपने माता-पिता से पत्नी को अलग रखकर शहर में ही रखते थे, ताकि वह आराम से अपनी पढ़ाई और जीवन पर ध्यान दे सके।
लेकिन, शादी के लगभग नौ–दस वर्षों तक शांत रहने वाला वातावरण पिछले एक वर्ष में बदलने लगा। धर्मेंद्र बताते हैं कि उनकी पत्नी धीरे-धीरे चुपचाप रहने लगी। वे अक्सर सोच में डूबी रहतीं, किसी बात से परेशान, और कभी-कभी उदास भी। यह बदलाव एक यात्रा के दौरान हुई किसी घटना के बाद आया था। उसी समय एक ऐसा व्यक्ति उनकी जिंदगी में दाखिल हुआ जिसे धर्मेंद्र की पत्नी ने ‘‘धर्म भाई’’ कहकर घर में स्वीकार करवाया था।
लापता होने की टाइमलाइन
घटना 8 सितंबर 2024 को हुई।
धर्मेंद्र की पत्नी अचानक घर से निकल गई और फिर वापस नहीं आई।
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 8 सितंबर | पत्नी घर से निकली और गायब हो गई। |
| 8–9 सितंबर | धर्मेंद्र ने आसपास के रिश्तेदारों और परिचितों के यहाँ खोजबीन की। |
| 9 सितंबर | पत्नी से आखिरी बार फोन पर बात हुई, जिसमें उसने साफ कहा—वह वापस नहीं आएगी। |
| 10 सितंबर | धर्मेंद्र ने झुंझुनू कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करवाई। |
| अगले दिन | जांच शुरू हुई, कॉल रिकॉर्ड्स सामने आए। |
| अक्टूबर–नवंबर | दो महीने बाद भी कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं, धर्मेंद्र ने मीडिया का सहारा लिया। |
फोन कॉल जिसने तस्वीर बदल दी
9 सितंबर की फोन कॉल धर्मेंद्र के लिए आखिरी संपर्क थी।
उनकी पत्नी ने कहा—
- वह घर नहीं लौटेगी।
- उसके पास जाने की मजबूरी है।
- वह खुद को बदनाम महसूस कर रही है।
धर्मेंद्र ने उससे बार-बार सोची–समझी गलती न करने की अपील की, लेकिन उसने फोन काट दिया। दो दिन बाद फोन बंद हो गया और धर्मेंद्र को ब्लॉक कर दिया गया। तभी से वे अपनी पत्नी से सीधे बात नहीं कर पाए हैं और पूरी तरह पुलिस पर ही निर्भर हो गए हैं।
कॉल डिटेल्स ने खोला रहस्य, ‘धर्म भाई’ का असली चेहरा सामने आया
जांच में जुटी पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल्स निकालीं। उसी से पता चला कि महिला लगातार एक खास व्यक्ति के संपर्क में थी। यह वही व्यक्ति था जिसे वह पहले ‘‘धर्म भाई’’ कहती थी, जिससे परिवार भी परिचित था।
कौन है यह व्यक्ति?
- वह सतनाली क्षेत्र का रहने वाला है।
- उसका गांव है सूरती मोडानो।
- कई साल पहले वह धर्मेंद्र की पत्नी की बड़ी बहन (चीड़ावा निवासी) के संपर्क में भी रह चुका है।
धर्मेंद्र का मानना है कि यह व्यक्ति पहले धार्मिक भाई बनकर उनकी पत्नी की भावनाओं के करीब आया और फिर उसका दुरुपयोग किया। उनकी नज़र में यह एक “प्रेम प्रसंग” था, जो धीरे-धीरे गलत दिशा में चला गया।
परिवार पर भारी पड़ा यह हादसा
बेटी का भविष्य दांव पर
धर्मेंद्र और उनकी पत्नी की 10 वर्षीय बेटी अपनी मां को हर दिन याद करती है। धर्मेंद्र कहते हैं—
“अगर वह मुझसे नाराज़ भी है, तो कम से कम अपनी बेटी के बारे में सोचे। बच्ची का भविष्य अनिश्चित हो गया है।”
बीमार ससुर-सास की चिंता
धर्मेंद्र बताते हैं कि पत्नी के माता-पिता दोनों गंभीर रूप से बीमार हैं—
- माँ बिल्कुल बिस्तर पर हैं
- पिता भी बीमार हैं
घर में उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उसी पर थी। इन परिस्थितियों में उनका अचानक गायब होना परिवार को और संकट में डाल रहा है।
जांच में देरी और प्रशासनिक उदासीनता
धर्मेंद्र बताते हैं कि वे दो महीने से पुलिस के चक्कर काट रहे हैं।
- दो बार एसपी से मिले
- कई बार कोतवाली के चक्कर लगाए
- स्थानीय MLA से भी मदद मांगी
लेकिन नतीजा शून्य रहा।
पुलिस सिर्फ इतना कहती रही—“कार्रवाई कर रहे हैं”।
धर्मेंद्र का आरोप है कि पुलिस के पास कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन सब है, लेकिन उसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
पत्नी को खुला संदेश: “वापस आ जाओ, कोई कुछ नहीं कहेगा”
Deep suspicion on ‘Dharam Bhai’ वीडियो के जरिए धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी को संदेश दिया—
- वह किसी भी गलती को माफ करने के लिए तैयार हैं।
- घर का दरवाज़ा उनके लिए हमेशा खुला है।
- उन्हें उसकी नहीं, बल्कि बेटी और बीमार सास–ससुर की चिंता है।
उनका कहना है—
“अगर मेरे साथ नहीं रहना चाहती, तो कम से कम बेटी के लिए एक बार घर आकर बयान तो दे जाओ।”
धर्मेंद्र चाहते हैं कि पत्नी पुलिस के सामने पेश होकर अपनी इच्छा स्पष्ट कर दे, ताकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके और परिवार इस अनिश्चितता से बाहर आ सके।









