एक बेहद दुखद घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) की उस समय दर्दनाक मौत हो गई, जब वे चलती हुई रोडवेज बस में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसने इस घटना को और भी झकझोर देने वाला बना दिया है। दुख की बात यह है कि जिस घर में चार दिनों बाद बेटे की शादी की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
हादसा कैसे हुआ?
घटना कल दोपहर [स्थान का नाम] के पास हुई, जहां BSF के ASI सड़क किनारे खड़ी राज्य परिवहन की बस में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। चश्मदीदों और CCTV में कैद फुटेज से पता चलता है कि जैसे ही बस ने चलना शुरू किया, ASI ने तेजी से चढ़ने की कोशिश की, लेकिन उनका पैर फिसल गया और वे संतुलन खो बैठे। देखते ही देखते वे बस के पिछले पहिए के नीचे आ गए।
घटना इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ भी नहीं पाए। तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक ASI बुरी तरह घायल हो चुके थे। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ड्यूटी के बाद घर लौटते समय हुआ हादसा
सूत्रों के अनुसार, ASI या तो ड्यूटी से लौट रहे थे या घर से किसी काम पर जा रहे थे। परिवार वाले शादी की तैयारियों में लगे हुए थे। घर में उत्सव जैसा माहौल था, क्योंकि बेटे की शादी सिर्फ चार दिन बाद थी। लेकिन उसकी खुशी अचानक एक दुखद घटना में बदल गई।
परिवार के एक रिश्तेदार ने कहा,
“किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसी खुशी के समय अचानक ऐसा भयंकर हादसा हो जाएगा। पूरा परिवार टूट गया है।”
पड़ोसियों ने बताया कि ASI अपने व्यवहार और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे। घर में सभी रिश्तेदार जमा हो चुके थे और शादी के कार्ड बांटे जा चुके थे। इसी बीच यह हादसा परिवार की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल गया।
ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ
हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने रोडवेज बस के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं बस चालक की लापरवाही या तेज़ी से बस आगे बढ़ाने के कारण यह हादसा तो नहीं हुआ।
पुलिस अधिकारी ने कहा,
“हम पूरी घटना की जांच कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।”
ड्राइवर से यह भी पूछा गया कि उसने बस क्यों चलाई जब यात्री अभी चढ़ रहे थे। राज्य परिवहन विभाग ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
चलती बस में चढ़ने-उतरने पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर उस गंभीर जोखिम को सामने लाती है, जिसके बारे में यातायात विभाग बार-बार चेतावनी देता रहा है—चलती बस या ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें। लेकिन व्यस्तता, जल्दी पहुंचने की चाह या लापरवाही के कारण लोग अक्सर इस चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं।
यातायात विशेषज्ञों के अनुसार,
- चलती बस में चढ़ना संतुलन बिगड़ने का सबसे बड़ा कारण होता है।
- ज़रा-सी चूक भी भारी दुर्घटना का रूप ले सकती है।
- भारत में इस तरह के हादसों में हर साल सैकड़ों लोग अपनी जान गंवाते हैं।
इस हादसे के बाद पुलिस और रोडवेज विभाग ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि किसी भी हालत में चलती बस में चढ़ने की कोशिश न करें और बस पूरी तरह रुकने का इंतज़ार करें।
BSF की ओर से पुष्टि और सम्मान
BSF अधिकारियों ने भी ASI की मौत की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि उनके सम्मानजनक अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है और बल उनके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
एक BSF अधिकारी ने कहा,
“यह हमारे लिए बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने हमेशा अनुशासन और निष्ठा के साथ सेवा की। उनकी अचानक मौत हम सभी के लिए बड़ी क्षति है।”
बेटे की शादी अब रद्द, परिवार सदमे में
चार दिनों बाद होने वाली शादी की तैयारियां अब रोक दी गई हैं। परिवार अभी भी सदमे में है और किसी से बात करने की स्थिति में नहीं है। रिश्तेदारों का कहना है कि घर में खुशी का हर कोना अब मातमी माहौल में बदल गया है।
गांव के एक बुजुर्ग ने बताया,
“क्या कहें? सुबह तक घर में हल्दी और मेहंदी की बातें चल रही थीं, और दोपहर तक रोने की आवाज़ें गूंजने लगीं। ऐसा दर्द कोई दुश्मन को भी न मिले।”
सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ी चर्चा
BSF ASI accident इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच भी चर्चा बढ़ गई है। कई लोगों ने लिखा कि बस ड्राइवरों को यात्रियों की सुरक्षा पर सबसे पहले ध्यान देना चाहिए। वहीं, कई लोगों ने यह भी कहा कि यात्रियों को भी जल्दबाज़ी में जोखिम नहीं उठाना चाहिए।









