रेवाड़ी में दर्दनाक घटना : होटल के कमरे में बीएससी छात्रा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में माता-पिता से माँगी माफ़ी

Tragic incident in Rewari: BSc student commits suicide in hotel room, apologizes to parents in suicide note

रेवाड़ी : जिले में एक अत्यंत दुखद घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। बीएससी अंतिम वर्ष की एक युवती ने स्थानीय होटल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए लिखा है— “मम्मी-पापा, मुझे माफ़ कर देना।” इस एक पंक्ति ने पूरे परिवार और समाज को भावनात्मक रूप से झकझोर कर रख दिया है।

होटल में कैसे हुई घटना

जानकारी के अनुसार, युवती एक दिन पहले ही होटल में कमरा लेकर रुकी थी। होटल के रजिस्टर में दर्ज नाम और पहचान के आधार पर जब पुलिस ने परिवार को सूचना दी, तब घर में चीख-पुकार मच गई।
होटल स्टाफ़ ने बताया कि सुबह जब वे सामान्य रूप से सफाई के लिए कमरे के बाहर पहुँचे, तो उन्होंने दरवाज़े पर दस्तक दी, पर भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज़ लगाने के बावजूद कमरे का दरवाज़ा नहीं खुला। इस पर संदेह होने के बाद होटल प्रबंधन ने मास्टर-की की मदद से दरवाज़ा खोला। अंदर का दृश्य सभी को हिला देने वाला था।

युवती कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुँची और शव को नीचे उतरवाया।

मिला सुसाइड नोट — कुछ शब्दों में गहरा दर्द

जाँच के दौरान पुलिस को कमरे की टेबल पर एक छोटा-सा कागज़ मिला। उस पर लिखा था:
“मम्मी-पापा, मुझे माफ़ कर देना, मैं अब और नहीं सह पा रही।”

इन शब्दों से यह तो साफ़ हो जाता है कि युवती लंबे समय से किसी आंतरिक तनाव या मानसिक दबाव का सामना कर रही थी। लेकिन इस तनाव का कारण क्या था—यह पता लगाने की कोशिश पुलिस कर रही है।

युवती की पहचान और पारिवारिक स्थिति

युवती रेवाड़ी के पास स्थित एक गाँव की रहने वाली बताई जा रही है और वह बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा थी।
पढ़ाई में सामान्य थी, परिवार के अनुसार वह भावुक स्वभाव की थी, लेकिन कभी किसी बड़े तनाव का ज़िक्र नहीं किया।

परिजन बताते हुए बार-बार बेसुध हो रहे हैं।
“वह कभी हमें छोड़कर जा ही नहीं सकती थी… उसे क्या तकलीफ़ थी जो बताई भी नहीं…” — माँ का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस जाँच किस दिशा में आगे बढ़ रही है?

पुलिस ने मामला सीआरपीसी की धारा 174 के तहत दर्ज कर लिया है।
जाँच में इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है—

  1. युवती होटल में अकेले क्यों रुकी?
  2. होटल में चेक-इन करते समय उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी?
  3. क्या उसका किसी से फोन या चैट पर विवाद हुआ?
  4. सुसाइड से पहले मोबाइल में आखिरी कॉल, चैट या व्हाट्सएप संदेश क्या थे?
  5. क्या किसी रिश्ते, पारिवारिक दबाव या शिक्षा-संबंधी तनाव ने उसे यह कदम उठाने पर मजबूर किया?

पुलिस ने उसका मोबाइल, डायरी और बैग कब्जे में ले लिया है।
दोस्तों और कॉलेज स्टाफ़ से भी पूछताछ की जाएगी।

समाज और परिवार के लिए बड़ा सबक

यह घटना आधुनिक दौर के उस मानसिक दबाव को उजागर करती है, जिसमें आज की युवा पीढ़ी जी रही है।
सोशल मीडिया की तुलना, सफल होने का दबाव, रिश्तों में अस्थिरता, और भावनात्मक अकेलापन — ये सभी कारण धीरे-धीरे मन पर प्रभाव डालते हैं।

समस्या यह है कि लोग मन की बात साझा नहीं करते — और केवल चुपचाप संघर्ष करते रहते हैं।

अगर युवती किसी अपने से खुलकर बात कर पाती,

तो शायद आज वह ज़िंदा होती।

मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता

BSC Student Suicide भारत में अभी भी लोग अवसाद, तनाव या मानसिक परेशानी को बीमारी नहीं मानते।
लेकिन यह उतना ही वास्तविक और ख़तरनाक है जितना कोई शारीरिक रोग।

लक्षण जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए—

  • लगातार उदासी
  • मन का खाली या भारी लगना
  • किसी काम में रुचि न रहना
  • किसी से बातचीत न करना
  • अचानक व्यवहार में बदलाव

इन संकेतों को अनदेखा करना कई बार जीवन को अंधे मोड़ पर ले जाता है।

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