बिजली के खुले तारों की चपेट में आया किसान, मौके पर मौत: खेत से लौटते वक्त हादसा, गांव में शोक की लहर

Bijli ke khule taaron ki chhapat mein aaya kisan, mauke par maut: khet se lautte waqt haadsa, gaon mein shok ki lehar

राजस्थान के एक ग्रामीण इलाके में उस समय कोहराम मच गया, जब खेत से लौट रहा एक किसान खुले बिजली के तारों की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयानक था कि करंट लगते ही मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से यह जानलेवा दुर्घटना हुई है।

खेत से लौटते वक्त हुआ हादसा

घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है, जब गांव का किसान अपने खेत में काम खत्म कर घर लौट रहा था। रास्ते में एक जगह बिजली के तार नीचे लटके हुए थे। जैसे ही किसान का हाथ इन तारों से टच हुआ, वह तेज करंट की चपेट में आ गया। कुछ ही पलों में वह ज़मीन पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक किसान की सांसें थम चुकी थीं। इस घटना से गांव में मातम फैल गया। लोगों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और तुरंत संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभाग को तारों की स्थिति को लेकर शिकायत की जा चुकी थी, लेकिन कभी कोई सुनवाई नहीं हुई। खुले तार लंबे समय से लटक रहे थे और हादसे को मानो दावत दे रहे थे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक किसान परिवार का अकेला कमाने वाला था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है। पत्नी और बच्चे गहरे सदमे में हैं। बूढ़े मां-बाप की आंखें नम हैं और गांव वालों के अनुसार वह सुबह खेत गया था और फिर कभी वापस नहीं आया।

बिजली विभाग की सफाई

हादसे के बाद बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शुरुआती जांच में माना कि तार लटके हुए थे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना अचानक हुई और विभाग जल्द ही सभी जगहों पर तारों की जांच करेगा। हालांकि गांव वालों को विभाग की यह सफाई समझ नहीं आई और उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रशासन की ओर से मृतक किसान के परिवार को ₹5 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। साथ ही बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी स्थानों पर त्वरित जांच कर मरम्मत की जाए, जहां तार खुले या खतरनाक स्थिति में हैं।

सवाल खड़े करती है यह घटना

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक ग्रामीण इलाकों में बिजली की लचर व्यवस्था यूं ही जानें लेती रहेगी? खुले तार, टूटे खंभे और मरम्मत की अनदेखी — यह सब किसी दिन किसी और की जिंदगी छीन सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली विभाग ने कार्रवाई की होती, तो आज एक परिवार उजड़ने से बच जाता।


मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • खेत से लौटते वक्त किसान की खुले बिजली के तार से चिपकने से मौत।
  • हादसे के लिए ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही को बताया जिम्मेदार।
  • परिवार में कमाने वाला इकलौता सदस्य था मृतक, गांव में शोक की लहर।
  • बिजली विभाग ने जांच और सुधार कार्य की बात कही।
  • प्रशासन ने ₹5 लाख की सहायता राशि का ऐलान किया।

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