The mastermind behind the midnight demolition using a JCB is finally in the grip of law.

The mastermind behind the midnight demolition using a JCB is finally in the grip of law.

कानून व्यवस्था के लिए यह एक बड़ी सफलता है, क्योंकि दो साल से पुलिस की पकड़ से दूर भागता फिर रहा एक कुख्यात अपराधी आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वही आरोपी है, जिस पर आरोप है कि उसने लगभग 15 साथियों के साथ मिलकर आधी रात JCB मशीन का इस्तेमाल करते हुए बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की थी। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को दहला दिया था बल्कि पुलिस विभाग पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

आधी रात की सनसनीखेज वारदात

करीब दो साल पहले हुई इस घटना ने इलाके में हलचल मचा दी थी। FIR में दर्ज विवरण के अनुसार, आरोपी अपने 15 हथियारबंद साथियों के साथ एक योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचा था। घटना इतनी अचानक और तेज़ थी कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पूरा समूह अपना मिशन पूरा कर चुका था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस गिरोह ने साधारण हथियारों के बजाय एक भारी-भरकम JCB मशीन का प्रयोग किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने JCB से कई संपत्तियों को निशाना बनाया और कुछ ही मिनटों में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। तोड़फोड़ की यह वारदात तड़के सुबह के समय हुई, जब अधिकतर लोग गहरी नींद में होते हैं। इस कारण प्रतिरोध बेहद कम था और अपराधी आसानी से अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

दो साल तक पुलिस को छकाता रहा

तोड़फोड़ की इस वारदात के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को “इनामी बदमाश” घोषित कर दिया था। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम रखा गया था, ताकि लोग भी इसकी जानकारी देकर पुलिस की मदद कर सकें। लेकिन अपराधी बेहद चालाकी से गिरफ्त से बचता रहा। वह लगातार ठिकाने बदलता रहा—कभी दूसरे जिले में छिपता, कभी अलग-अलग गांवों में पहुंच जाता। पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने कई अलग-अलग पहचान भी अपनाई थीं।

जांच अधिकारी बताते हैं कि आरोपी अपना मोबाइल फोन भी कम इस्तेमाल करता था ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके। उसके साथी भी गहरे नेटवर्क का हिस्सा थे, जो समय-समय पर उसे संभावित छापों की जानकारी देते रहते थे। लेकिन इतने लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा।

निगरानी और खुफिया इनपुट ने तोड़ी चुप्पी

पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने उसके पुराने नेटवर्क, परिचितों और संभावित ठिकानों पर नज़र और भी तेज़ कर दी थी। कई बार सूचना मिली, लेकिन हर बार वह एक कदम आगे निकल जाता। अंततः खास खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने एक सटीक और गुप्त अभियान चलाया।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी अपने एक परिचित के यहां कुछ समय के लिए छिपा हुआ था। पुलिस ने उस क्षेत्र की घेराबंदी कर ली और पूरी तैयारी के साथ दबिश दी। इस बार आरोपी भाग नहीं सका और बिना किसी विरोध के गिरफ्तार कर लिया गया।

अब जांच में आएंगी कई परतें खुलकर

absconding criminal arrested मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की जांच में एक अहम मोड़ मानी जा रही है। अब उससे पूछताछ की जाएगी कि दो साल तक वह कहाँ-कहाँ छिपा रहा, उसे किन लोगों ने मदद की और उसके 15 साथियों में से कितने अभी भी फरार हैं।

पुलिस अब इस पूरी गैंग की गतिविधियों, उनके इरादों और संभावित अन्य अपराधों की जांच करने की तैयारी में है। उम्मीद है कि आरोपी की गिरफ्तारी से कई और महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी, जो आगे की कार्रवाई में निर्णायक भूमिका निभाएँगी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि JCB मशीन कहाँ से आई थी और उसे किस तरह से वारदात में इस्तेमाल किया गया।

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