राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। नवलगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक को पहले अगवा किया गया, फिर बेरहमी से पीटा गया और बाद में उसे जिला अस्पताल के बाहर नग्न अवस्था में फेंक दिया गया। यह मामला ना सिर्फ अपराध की भयावहता को उजागर करता है, बल्कि समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता की भी गवाही देता है।
रात का समय और एक दर्दनाक घटना
गुरुवार रात करीब 12:15 बजे राकेश सोहू नाम का युवक, कारी की ढाणी स्थित अपने खेत में बने मकान की ओर लौट रहा था। तभी रास्ते में एक वाहन में सवार कुछ अज्ञात लोग आए और उन्होंने राकेश की पिकअप को रोक लिया। बिना कुछ कहे उन्होंने गाड़ी में तोड़फोड़ शुरू कर दी और राकेश को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद शुरू हुआ अमानवीयता का सिलसिला।
बदमाशों ने न सिर्फ राकेश को बेरहमी से पीटा, बल्कि उसके कपड़े और पैसे भी छीन लिए। फिर उसे नग्न हालत में जिला अस्पताल के बाहर फेंक दिया गया। यह दृश्य बेहद पीड़ादायक था।
पुलिस और चिकित्सा विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल राकेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सीकर रेफर कर दिया गया।
नवलगढ़ के सीआई सुगन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि राकेश का एक व्यक्ति से अनाज के व्यापार को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के बीच कुछ समय पहले साझेदारी खत्म हो चुकी थी। इसके अलावा, राकेश के खिलाफ एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारने की शिकायत भी दर्ज है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने राकेश की शिकायत और घटना के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल फरार हैं, लेकिन पुलिस की टीमें उन्हें पकड़ने में जुटी हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
परिवार की मांग: जल्द मिले न्याय
राकेश के परिजन इस घटना से बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से राकेश के साथ अमानवीयता की गई, वह बर्दाश्त से बाहर है। परिवार ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
सवाल खड़े करती है यह घटना
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति पर हुए हमले की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में बढ़ती हिंसा और संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाती है। कोई भी मतभेद या विवाद इस हद तक नहीं जाना चाहिए कि किसी की गरिमा को इस कदर कुचल दिया जाए।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
इलाके में इस घटना को लेकर रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस तरह की घटनाओं पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और समय रहते सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी इस मामले को उठाया है और न्याय की मांग की है।
समाज को चाहिए जागरूकता और सख्ती
ऐसी घटनाएं बार-बार हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हम एक सुरक्षित समाज की ओर बढ़ रहे हैं या फिर असुरक्षा और डर की ओर लौट रहे हैं? समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही, अपराधियों को सख्त सजा देकर एक उदाहरण पेश करना भी जरूरी है।









