राजस्थान के बीकानेर जिले से एक बेहद दर्दनाक और भयावह हादसे की खबर सामने आई है। जिले के कतरियासर गांव में बुधवार को हुए जोरदार धमाके में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा इतना भयानक था कि आसपास की कई दुकानें पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गईं।
कैसे हुआ हादसा?
मामला बीकानेर जिले के खाजूवाला तहसील के कतरियासर गांव का है, जहां एक दुकान में संदिग्ध परिस्थितियों में विस्फोट हो गया। बताया जा रहा है कि यह धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट की वजह से दुकान के आसपास मौजूद अन्य कई दुकानों और मकानों को भी भारी नुकसान हुआ।
शुरुआती जांच में क्या पता चला?
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि दुकान में अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। हालांकि अभी जांच जारी है और पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि आखिर विस्फोट की असली वजह क्या थी। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि सटीक कारणों की जांच की जा सके।
Eyewitnesses ने क्या बताया?
हादसे के चश्मदीदों ने बताया कि दुकान में अचानक से तेज धमाका हुआ और सब कुछ धुएं और मलबे में बदल गया। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जो लोग पास में खड़े थे, वे या तो गंभीर रूप से घायल हुए या फिर उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास की दुकानों के मालिकों ने बताया कि धमाके के बाद हर तरफ अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।
बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
धमाके की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा भी की है।
घायलों की स्थिति गंभीर
इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। उन्हें बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, घायलों में जलने और सिर में गंभीर चोटों के कई मामले सामने आए हैं।
अवैध विस्फोटक पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर से राजस्थान में अवैध रूप से रखे जाने वाले विस्फोटक और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या स्थानीय प्रशासन को इस बात की जानकारी नहीं थी कि किसी दुकान में खतरनाक सामग्री रखी जा रही है? अगर हां, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
जांच के आदेश, दोषियों पर कार्रवाई तय
राज्य सरकार ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। स्थानीय प्रशासन को भी क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री की जांच और निगरानी तेज करने को कहा गया है।
जनता में आक्रोश
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन पहले ही सख्ती से नियम लागू करता और समय रहते जांच करता, तो आज इतनी जानें न जातीं। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।









