झुंझुनूं में महिला सरकारी शिक्षिका ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, इलाके में शोक की लहर

"Jhunjhunu mein mahila sarkari shikshika ne train ke aage koodkar di jaan, ilaake mein shok ki lehar"

झुंझुनूं (राजस्थान), मंगलवार — ज़िले से इस सुबह एक हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान और गमगीन कर दिया। एक महिला सरकारी शिक्षक ने सुबह के वक्त चलती ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। घटना मंगलवार सुबह लगभग 8:15 बजे गुढ़ा फाटक के पास घटी, जहां श्रीगंगानगर से जयपुर जा रही ट्रेन गुजर रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फाटक के बंद होने के कारण वहां एक बस रुकी हुई थी। उसी बस से एक महिला उतरीं और फाटक पार कर सीधे रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ गईं। कुछ ही सेकंड में जैसे ही ट्रेन नज़दीक पहुंची, महिला ने अचानक पटरी पर छलांग लगा दी। ट्रेन की गति तेज थी, जिससे टक्कर के बाद महिला का शव दूर जाकर गिरा।

लोगों का कहना है कि कुछ राहगीर उन्हें बचाने की कोशिश में दौड़े भी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


मिलनसार और शांत स्वभाव की थीं – लोग हुए स्तब्ध

मृतका की पहचान 40 वर्षीय रेखा शर्मा के रूप में हुई है, जो जिले के ही एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं। उन्हें जानने वालों ने बताया कि रेखा बेहद सौम्य और मिलनसार स्वभाव की थीं। बच्चों के प्रति उनका लगाव बहुत गहरा था और वे अक्सर सामाजिक कार्यों में भी भाग लेती थीं।

एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मैडम ऐसा कोई कदम उठा सकती हैं। वह हमेशा मुस्कुराकर मिलती थीं और जरूरतमंदों की मदद के लिए तैयार रहती थीं।”


सुसाइड की वजह अब भी रहस्य

रेखा के इस अचानक कदम के पीछे की वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस फिलहाल घटना की जांच में जुटी है और परिवार वालों से भी पूछताछ की जा रही है कि कहीं कोई घरेलू तनाव, मानसिक दबाव या अन्य कारण तो नहीं था, जिससे वे परेशान थीं।

झुंझुनूं पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “हमें अब तक आत्महत्या के पीछे कोई ठोस वजह नहीं मिली है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।”


सीसीटीवी में कैद हुई अंतिम क्षणों की झलक

रेलवे क्रॉसिंग पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में देखा गया है कि रेखा बस से उतरकर सीधे पटरी की ओर जाती हैं और सामने से आती ट्रेन को देखती हैं। कुछ क्षणों बाद वह पटरी पर झुकती हैं और ट्रेन से टकरा जाती हैं। यह दृश्य बेहद दुखद और झकझोर देने वाला है।

https://youtu.be/BNjMHLW80RQ

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

जैसे ही यह खबर परिवार को मिली, पूरे घर में कोहराम मच गया। रेखा के माता-पिता, पति और दो छोटे बच्चों की हालत बेहद खराब है। उनके रिश्तेदार और पास-पड़ोस के लोग गहरे सदमे में हैं। एक रिश्तेदार ने बताया, “रेखा पिछले कुछ दिनों से थोड़ी चुप-चुप थीं लेकिन हमें लगा ये शायद थकावट या काम का तनाव हो सकता है। हमने कभी नहीं सोचा था कि बात इतनी गंभीर हो जाएगी।”


समाज के लिए एक चेतावनी

रेखा शर्मा की यह आत्महत्या न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक सवाल छोड़ गई है। एक शिक्षिका, जो समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है, अगर खुद ही अंदर से इतनी टूटी हुई हो कि जीवन ही समाप्त करने का निर्णय ले ले, तो यह मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समर्थन तंत्र की विफलता की ओर इशारा करता है।

मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर बात करने की आवश्यकता अब पहले से कहीं ज़्यादा है। यह केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है कि हम अपने आसपास के लोगों की भावनात्मक स्थिति पर ध्यान दें और उन्हें समय रहते मदद पहुंचाएं।

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