झुंझुनूं के लाल सुरेन्द्र मोगा देश के लिए शहीद, जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी हमले में वीरगति

"Jhunjhunu ke laal Surendra Moga desh ke liye shaheed, Jammu-Kashmir mein Pakistani hamle mein veergati"

राजस्थान का एक और बेटा मातृभूमि की रक्षा करते हुए अमर हो गया

राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले के मंडावा क्षेत्र के छोटे से गांव मेहरादासी में इन दिनों शोक की लहर है। गांव का वीर सपूत सुरेन्द्र कुमार देश की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सेक्टर में शहीद हो गया। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के दौरान सुरेन्द्र कुमार ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए वीरगति प्राप्त की।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुरेन्द्र कुमार के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। माता-पिता, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की आंखें नम हैं लेकिन दिल में अपने लाल की बहादुरी पर गर्व भी है। सुरेन्द्र की पत्नी का कहना है कि उन्हें अपने पति पर नाज है और वे भी चाहती हैं कि उनका बेटा बड़ा होकर देशसेवा करे।

गांव में उमड़ा जनसैलाब

सुरेन्द्र कुमार की पार्थिव देह जैसे ही गांव लाई गई, जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे गांव ने भारत माता के इस सपूत को श्रद्धांजलि दी। “भारत माता की जय” और “सुरेन्द्र अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा। लोगों ने तिरंगे में लिपटे वीर जवान को कंधा देते हुए अंतिम विदाई दी। स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारी भी शहीद को अंतिम सलामी देने पहुंचे।

देश के लिए समर्पित जीवन

34 वर्षीय सुरेन्द्र कुमार पिछले 14 वर्षों से भारतीय सेना में सेवारत थे। वह अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा समर्पित रहते थे और हर मिशन को पूरे जोश और निष्ठा से निभाते थे। उनके साथियों ने बताया कि सुरेन्द्र न केवल एक बेहतरीन सैनिक थे, बल्कि एक संवेदनशील और सहयोगी इंसान भी थे। उनकी बहादुरी और विनम्र स्वभाव सभी को प्रेरणा देता रहेगा।

सरकार और प्रशासन की संवेदनाएं

शहीद जवान के प्रति राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की ओर से संवेदना व्यक्त की गई है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर सुरेन्द्र कुमार की वीरता को सलाम किया और उनके परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। झुंझुनूं जिला प्रशासन की ओर से भी परिवार को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने की बात कही गई है।

वीरता की अमर गाथा

सुरेन्द्र कुमार अब केवल अपने परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उनकी शहादत हमें यह याद दिलाती है कि सीमा पर हर पल तैनात हमारे जवान कितने बड़े बलिदान दे रहे हैं ताकि हम शांति से अपने घरों में रह सकें।

गांव में बनेगी स्मृति स्थल

स्थानीय लोगों की मांग है कि सुरेन्द्र कुमार की याद में गांव में एक स्मारक बनाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी वीरता से प्रेरणा ले सकें। पंचायत ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है और जल्द ही स्मृति स्थल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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