भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भारतीय सेना ने एक बड़ा खतरा टालते हुए पाकिस्तान की ओर से दागी गई मिसाइल को समय रहते हवा में ही नष्ट कर दिया। यह घटना राजस्थान में हुई और अगर सेना समय पर हरकत में नहीं आती, तो देश को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ सकता था।
चार शहरों को बनाया गया था निशाना
पाकिस्तान की इस दुस्साहसी हरकत में राजस्थान के चार प्रमुख शहरों—फलोदी, जैसलमेर और अन्य दो अज्ञात स्थानों को निशाना बनाया गया था। इनमें से कई इलाके घनी आबादी वाले हैं और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल संभावित लक्ष्य थे। अगर यह मिसाइलें गिरतीं, तो दर्जनों निर्दोष लोग अपनी जान गंवा सकते थे।
सेना की चौकसी से टली बड़ी घटना
भारतीय सेना की सतर्कता और उन्नत मिसाइल-रोधी प्रणाली के चलते यह हमला सफल नहीं हो पाया। मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया, जिससे एक बड़ा संकट टल गया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर भारतीय सेना की युद्ध-सज्जा और तत्परता को साबित कर दिया है।
क्या यह युद्ध नहीं है?
कई लोगों को यह लग सकता है कि चूंकि मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंची, इसलिए इसे युद्ध नहीं माना जा सकता। लेकिन सच्चाई यह है कि जब कोई देश जानबूझकर दूसरे देश के नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाता है, तो यह किसी भी मायने में शांति नहीं होती। यह एक स्पष्ट सैन्य आक्रोश है, जिसे भारत को गंभीरता से लेना होगा।
देश को रहना होगा तैयार
भारत जैसे बड़े और संवेदनशील देश को अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हर पल सतर्क रहना होगा। यह घटना एक चेतावनी है कि हमारे पड़ोसी देश की मंशा पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसे में सेना को और अधिक सशक्त करने, तकनीकी संसाधनों को बढ़ाने और आम जनता को जागरूक करने की जरूरत है।
भारत-पाक संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से चला आ रहा तनाव किसी से छिपा नहीं है। 1947 के बंटवारे के बाद से ही इन दोनों देशों ने कई बार युद्ध लड़े हैं—1947, 1965, 1971 और 1999 में करगिल युद्ध, और अब यह मिसाइल हमला। हालात यही दर्शाते हैं कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार उकसावे की कार्रवाई की जाती रही है।
सरकार के अगले कदमों पर नजर
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार इस घटना के बाद क्या रुख अपनाती है। एक ओर जहां जनता सरकार से सख्त कदम की उम्मीद कर रही है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संतुलन बनाए रखना भी ज़रूरी है। लेकिन यह स्पष्ट है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
जनभावना क्या कहती है?
लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा है और कई लोग मानते हैं कि भारत को अब कड़ा जवाब देना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिनमें पाकिस्तान की इस हरकत को लेकर कड़ी निंदा की जा रही है।
परिणाम
भारतीय सेना ने समय रहते पाकिस्तान की चाल को नाकाम कर देश को एक बड़ी त्रासदी से बचा लिया। यह घटना हमें एक बार फिर यह एहसास कराती है कि आज के दौर में सुरक्षा और सतर्कता कितनी अहम है। देश के नागरिकों को भी चाहिए कि वे सतर्क रहें और सेना व सरकार के साथ मिलकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें।









