जेफ्री एपस्टीन केस: पहली बार सामने आईं पीड़िताएं, सुनाई आपबीती और न्याय की मांग

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सर्वाइवर्स ने तोड़ी चुप्पी, बताया कैसे होता था शोषण

वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कुख्यात वित्तीय अपराधी Jeffrey Epstein के शोषण की शिकार कई महिलाओं ने अपनी दर्दनाक कहानियां साझा कीं। इनमें से कुछ महिलाएं पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं।

इस कार्यक्रम में वेंडी पासांटे, जोआना हैरिसन, जेना लिसा जोन्स, शांटे डेविस और लिसा फिलिप्स सहित कई पीड़िताएं शामिल थीं। सभी ने बताया कि कैसे उन्हें कम उम्र या कमजोर परिस्थितियों में एपस्टीन के जाल में फंसाया गया।

कैसे शुरू होता था शोषण का सिलसिला

पीड़िताओं के अनुसार, शुरुआत अक्सर “मसाज” के बहाने होती थी, जिसके बदले पैसे देने का लालच दिया जाता था। लेकिन यह जल्दी ही यौन शोषण में बदल जाता था।

कई महिलाओं ने बताया कि उस समय वे डर और सदमे में “फ्रीज” हो जाती थीं और खुद को बचाने की स्थिति में नहीं होती थीं।

प्राइवेट आइलैंड और रैंच पर हुआ अत्याचार

शांटे डेविस ने बताया कि उन्हें एपस्टीन के न्यू मैक्सिको स्थित रैंच और उसके प्राइवेट आइलैंड पर ले जाया गया, जहां उन्होंने खुद को पूरी तरह “फंसा हुआ” महसूस किया।

उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार गंभीर यौन हमला उसी निजी द्वीप पर हुआ।

प्राइवेट जेट और बड़े नामों का जिक्र

शांटे ने एपस्टीन के प्राइवेट जेट से यात्रा के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Bill Clinton के साथ होने का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है, लेकिन पूरी स्थिति असामान्य और असहज थी। कम उम्र में बनीं शिकार

जेना लिसा जोन्स और वेंडी पासांटे ने बताया कि वे केवल 14 साल की थीं जब पहली बार एपस्टीन से मिलीं। उन्हें एक दोस्त के जरिए लाया गया और शुरुआत में यह एक सामान्य काम जैसा लगा, लेकिन जल्द ही यह शोषण में बदल गया।

पहचान उजागर होने का दर्द

जोआना हैरिसन, जो 18 साल की उम्र में इस नेटवर्क का हिस्सा बनीं, ने कहा कि वे कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आना चाहती थीं। लेकिन केस से जुड़े दस्तावेजों में बार-बार उनका नाम सामने आने के कारण उन्हें मजबूर होकर बोलना पड़ा।

उन्होंने बताया कि मीडिया में लगातार एपस्टीन की तस्वीरें और खबरें देखना मानसिक रूप से बेहद परेशान करने वाला था। गुमनाम पीड़िता की कहानी

एक अन्य पीड़िता “निकी” (बदला हुआ नाम) ने अपनी पहचान छुपाते हुए बताया कि एक घटना के बाद उन्हें कई घंटों तक कुछ याद नहीं रहा। बाद में उन्हें शक हुआ कि उनके साथ दुष्कर्म हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और बिज़नेस पर असर के डर से वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहतीं।

प्रिंस एंड्रू का नाम भी आया सामने

लिसा फिलिप्स ने अपने अनुभव बताते हुए Prince Andrew का जिक्र किया। हालांकि उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि एपस्टीन के नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोग शामिल थे।

“सब जानते थे, लेकिन अनदेखा किया गया”

पीड़िताओं का कहना है कि एपस्टीन के आसपास मौजूद शक्तिशाली और अमीर लोगों के लिए यह संभव नहीं था कि उन्हें कुछ पता न हो।

उनके अनुसार, “हम वहां मौजूद थे, हम अदृश्य नहीं थे—फिर भी किसी ने कुछ नहीं देखा।”

पुरानी तस्वीरें देख छलका दर्द

कार्यक्रम के दौरान जब पीड़िताओं ने अपनी पुरानी तस्वीरें देखीं, तो वे भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उस समय वे मासूम और अनजान थीं, और उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके साथ क्या होने वाला है।

अन्य पीड़ितों के लिए संदेश

कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने एक मजबूत संदेश दिया:

  • “यह आपकी गलती नहीं है”
  • “आप अकेले नहीं हैं”
  • “अपनी आवाज उठाइए, जब तक आपको सुना न जाए”

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