PNB Gold Scam in Rajasthan: Customers’ real gold missing, empire worth crores built with fake metal

PNB Gold Scam in Rajasthan: Customers' real gold missing, empire worth crores built with fake metal

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नवलगढ़ स्थित नानसा गेट शाखा से जुड़ा एक बड़ा गोल्ड लोन घोटाला सामने आया है, जिसने न सिर्फ बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि सैकड़ों आम परिवारों की आर्थिक और भावनात्मक दुनिया को भी हिला दिया है। आरोप है कि बैंक में जमा ग्राहकों का करीब 4 किलो से अधिक सोना—जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹6.5 करोड़ बताई जा रही है—चुपचाप बदल दिया गया और उसकी जगह बेहद चालाकी से तैयार किया गया नकली सोना रख दिया गया।

यह मामला तब उजागर हुआ, जब मौजूदा शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग ने बैंक के गोल्ड लोन विभाग में भारी अनियमितताएं देखीं और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों व पुलिस से की।

भरोसे की तिजोरी में सबसे बड़ा धोखा

इस घोटाले का केंद्र पूर्व वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार और उसके दो सहयोगी कर्मचारी बताए जा रहे हैं। पुलिस और बैंक की आंतरिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने योजनाबद्ध तरीके से ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए असली सोने के गहनों को बाहर निकाल लिया और उनकी जगह पीतल या अन्य बेस मेटल से बने नकली आभूषण रख दिए।

ये नकली गहने दिखने में बिल्कुल असली जैसे थे, जिससे लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ। बैंक की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और ऑडिट प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए यह खेल कथित तौर पर काफी समय से चल रहा था।

सोना गया, ऐश की जिंदगी आई

जांच में यह भी सामने आया है कि जिस समय बैंक के ग्राहकों का कीमती सोना गायब हो रहा था, उसी दौरान मुख्य आरोपी की आर्थिक स्थिति में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, घोटाले से मिले पैसों का इस्तेमाल कर आरोपी ने:

  • आसपास के इलाकों में कीमती जमीन खरीदी
  • एक निजी डेयरी प्लांट की स्थापना की
  • स्थानीय स्तर पर अपने प्रभाव और कारोबार को बढ़ाया

यानी जिन परिवारों का सोना बैंक की तिजोरी में सुरक्षित माना जा रहा था, वही सोना किसी और की संपत्ति और कारोबार की नींव बन गया।

“बेटी की शादी के लिए सोना लेने आए, नकली निकला”

हालांकि इस घोटाले के आंकड़े जितने बड़े हैं, उससे कहीं ज्यादा दर्दनाक इसकी मानवीय कीमत है। झुंझुनूं और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि पीढ़ियों की जमा पूंजी और इज्जत का प्रतीक माना जाता है।

एक पीड़ित ग्राहक ने बैंक के बाहर रोते हुए कहा,
“मैं अपनी बेटी की शादी के लिए गहने छुड़ाने आया था। बैंक वालों ने बताया कि जो सोना रखा है, वो असली ही नहीं है। अब शादी कैसे करूं?”

एक अन्य महिला ने बताया कि बैंक में गिरवी रखा गया उसका मंगलसूत्र भी नकली से बदल दिया गया था। उसके लिए यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि भावनात्मक आघात भी है। कई परिवार अब ऐसे हालात में फंस गए हैं कि न उनके पास गहने बचे हैं और न ही दोबारा कर्ज लेने का कोई सहारा।

शादी, संस्कार और भविष्य—सब संकट में

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवारों की शादियां तय थीं, जिनके लिए गोल्ड लोन लेकर व्यवस्था की गई थी। अब जब सोना ही नहीं बचा, तो न शादी के खर्च पूरे हो पा रहे हैं और न सामाजिक जिम्मेदारियां। गांव और कस्बों में इसे “खुशी का संकट” कहा जा रहा है, जहां उत्सव की जगह चिंता और शर्मिंदगी ने ले ली है।

पुलिस जांच और FIR दर्ज

नवलगढ़ थाना पुलिस ने मामले में आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस बैंक के सीसीटीवी फुटेज, लॉकर रिकॉर्ड, गोल्ड लोन फाइलें और आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह घोटाला एक-दो दिन में नहीं, बल्कि लंबे समय तक सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच की जा रही है कि असली सोना कहां और किस माध्यम से बेचा गया, और उस रकम को किन-किन व्यवसायों और संपत्तियों में लगाया गया।

बैंकिंग सिस्टम पर सवाल

PNB Gold Scam Rajasthan इस पूरे मामले ने बैंकिंग सिस्टम की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम ग्राहकों का कहना है कि अगर राष्ट्रीयकृत बैंक की तिजोरी में रखा सोना भी सुरक्षित नहीं है, तो फिर भरोसा किस पर किया जाए?

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