A massive fire broke out in Shyampura early in the morning, burning down a grocery store.

A massive fire broke out in Shyampura early in the morning, burning down a grocery store.

श्यामपुरा गांव में शुक्रवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किराना दुकान से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दुकान पूरी तरह उसकी चपेट में आ गई। इस हादसे में दुकानदार को करीब 6 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

यह घटना सुबह के वक्त हुई, जब गांव अभी नींद से जाग ही रहा था। दुकान बंद थी, लेकिन भीतर रखे सामान और लकड़ी की अलमारियों ने आग को तेजी से फैलने में मदद कर दी।

धुएं से हुआ खुलासा

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह कुछ ग्रामीणों ने दुकान के शटर के नीचे से धुआं निकलते देखा। पहले तो किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं घना होने लगा और आग की लपटें दिखने लगीं। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।

लोगों को डर था कि अगर आग पर तुरंत काबू नहीं पाया गया, तो वह आसपास की दुकानों और मकानों तक फैल सकती है। दुकान घनी आबादी वाले इलाके में स्थित होने के कारण खतरा और भी बढ़ गया था।

ग्रामीणों ने दिखाई सूझबूझ

फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया। पास के इलाकों से निजी पानी के टैंकर मंगवाए गए और बाल्टियों व पाइपों की मदद से आग बुझाने की कोशिश शुरू की गई। कई लोगों ने साहस दिखाते हुए दुकान के पास पहुंचकर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया।

हालांकि किराना सामान, प्लास्टिक पैकेट, लकड़ी की शेल्फ और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। ग्रामीणों की कोशिशों से आग आसपास के भवनों तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन दुकान के भीतर रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया।

दुकान के अंदर का मंजर

आग बुझने के बाद जब दुकान के शटर खोले गए, तो भीतर का दृश्य बेहद दर्दनाक था। किराना सामान, दालें, तेल, पैक्ड फूड, लकड़ी की अलमारियां और बिजली का सारा सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। छत और दीवारों पर कालिख जम गई थी और फर्श पर जले हुए सामान का ढेर लगा हुआ था।

दुकान मालिक के अनुसार, यह दुकान उनके परिवार की आय का मुख्य साधन थी। उन्होंने बताया कि वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया कारोबार कुछ ही घंटों में तबाह हो गया।

करीब 6 लाख रुपये का नुकसान

प्रारंभिक आकलन में दुकान मालिक और स्थानीय प्रशासन ने नुकसान की राशि करीब 6 लाख रुपये बताई है। इसमें दुकान के अंदर रखा पूरा स्टॉक, फर्नीचर और बिजली का ढांचा शामिल है। हालांकि अंतिम सर्वे के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ भी सकता है।

गनीमत यह रही कि आग सुबह उस समय लगी, जब दुकान बंद थी और भीतर कोई मौजूद नहीं था। इस वजह से कोई जनहानि या चोट की सूचना नहीं है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

स्थानीय स्तर पर हुई जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि दुकान की पुरानी वायरिंग या किसी बिजली उपकरण में खराबी के चलते यह हादसा हुआ हो सकता है। हालांकि प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच के बाद ही आग के सही कारण की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

व्यापारियों में चिंता

इस घटना के बाद श्यामपुरा के अन्य दुकानदारों में भी चिंता का माहौल है। ग्रामीण व्यापारियों का कहना है कि ज्यादातर दुकानों में पुरानी बिजली लाइनें लगी हुई हैं और आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की कमी है। ऐसे में छोटे से शॉर्ट सर्किट से भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों और कस्बों में बिजली सुरक्षा की नियमित जांच होनी चाहिए और व्यापारियों को फायर सेफ्टी को लेकर जागरूक किया जाना चाहिए।

सामुदायिक एकता की मिसाल

हालांकि इस हादसे में बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन गांव के लोगों ने एकजुट होकर जो प्रयास किए, वह सराहनीय रहे। अगर समय रहते ग्रामीण पानी के टैंकरों की व्यवस्था न करते, तो आग कई और दुकानों व घरों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

Shyampura Grocery Store Fire दुकान मालिक ने भावुक होते हुए कहा कि नुकसान भले ही बड़ा है, लेकिन गांव वालों के सहयोग ने उन्हें इस मुश्किल समय में हिम्मत दी है।

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