एक शांत सुबह, जो मंदिर दर्शन के साथ शुरू हुई थी, अचानक हिंसा और अफरा-तफरी में बदल गई। स्थानीय इलाके में अतिक्रमण को लेकर चल रहे पुराने विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक युवक पर कथित रूप से लाठियों से हमला कर दिया गया। पीड़ित युवक ने इस हमले के पीछे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और उनके समर्थकों का नाम लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
मंदिर जाते समय हुआ हमला
पीड़ित युवक के अनुसार, वह रोज़ की तरह सुबह मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था। रास्ते में अचानक कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के लाठियों से हमला शुरू कर दिया। हमला इतना अचानक और सुनियोजित था कि युवक को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों का नेतृत्व या इशारा एक प्रभावशाली स्थानीय नेता, जो पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष रह चुके हैं, द्वारा किया गया। हालांकि इस संबंध में अभी तक आरोपी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गंभीर चोटें, अस्पताल में इलाज
हमले के दौरान युवक को कई जगह चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। घायल युवक को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति पर निगरानी शुरू की।
चिकित्सकों के अनुसार, युवक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उसे कुछ समय तक चिकित्सकीय देखरेख में रखा जाएगा।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बनी विवाद की जड़
पुलिस की शुरुआती जांच और पीड़ित के बयान से सामने आया है कि इस हिंसक घटना की जड़ें अतिक्रमण हटाने की हालिया कार्रवाई से जुड़ी हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि पीड़ित युवक या तो सीधे तौर पर इस अभियान से जुड़ा था या फिर उसने अवैध कब्जों को हटाने का खुलकर समर्थन किया था।
इसी बात से नाराज होकर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और उनके करीबी लोगों में असंतोष पनप रहा था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते युवक को निशाना बनाया गया, ताकि अन्य लोग भी अतिक्रमण विरोधी गतिविधियों से डर जाएं।
पीड़ित का दावा है कि यह हमला केवल शारीरिक नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में डर का माहौल बनाने और प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन करने वालों को चुप कराने की कोशिश थी।
पुलिस जांच में जुटी, बयान दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई। थाने में पीड़ित का बयान दर्ज किया गया है और हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,
“हमें युवक की शिकायत प्राप्त हुई है। उसके बयान के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है और मंदिर जाने वाले मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।”
पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
इलाके में तनाव का माहौल
इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि प्रभावशाली लोगों द्वारा कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। कई निवासियों का कहना है कि अतिक्रमण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पहले से ही विवाद होता है, लेकिन इस तरह खुलेआम हिंसा होना बेहद चिंताजनक है।
कुछ स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में बिना दबाव के कार्रवाई हो, ताकि आम लोगों का कानून और व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
कानून बनाम दबदबा
यह घटना केवल एक युवक पर हुए हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रभाव कानून से ऊपर होता जा रहा है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या प्रशासन निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करेगा या मामला प्रभाव और रसूख की भेंट चढ़ जाएगा।
आगे की कार्रवाई पर नजर
Youth attacked in encroachment dispute फिलहाल पूरा क्षेत्र पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








