दिनदहाड़े गली में जो कुछ हुआ, उसने न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। प्रेम विवाह को स्वीकार न कर पाने की मानसिकता एक बार फिर हिंसक रूप में सामने आई, जब एक नवविवाहिता को उसके ही रिश्तेदारों ने जबरन अगवा करने की कोशिश की। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लोगों के बीच गुस्से और चिंता दोनों को जन्म दिया है।
प्रेम विवाह बना टकराव की वजह
जानकारी के अनुसार, युवती ने हाल ही में अपनी पसंद से विवाह किया था। यह फैसला उसके मायके पक्ष को मंजूर नहीं था। लंबे समय से परिवार में तनाव चल रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह नाराजगी एक दिन हिंसा का रूप ले लेगी। घटना वाले दिन युवती अपने ससुराल में मौजूद थी, तभी अचानक उसके भाई और जीजा वहां पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों एक महिंद्रा थार गाड़ी में आए थे और उनके चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था। आते ही उन्होंने बहस शुरू कर दी, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई।
जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश
वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दोनों आरोपी युवती को घसीटते हुए गाड़ी की ओर ले जा रहे हैं। युवती चीखती-चिल्लाती रही और खुद को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन आरोपी उसे जबरन वाहन में बैठाने पर तुले हुए थे। यह पूरी कोशिश एक तरह से अपहरण की थी, जिसे खुलेआम अंजाम दिया जा रहा था।
जब युवती के ससुर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हालात और गंभीर हो गए। आरोप है कि हमलावरों में से एक ने पिस्तौल निकाल ली और ससुर को धमकाते हुए पीछे हटने को कहा। हथियार देखकर कुछ पल के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पड़ोसियों की हिम्मत ने बचाई जान
अगर मोहल्ले के लोग समय रहते बाहर न आते, तो यह घटना किसी बड़ी अनहोनी में बदल सकती थी। युवती की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों को एकजुट होता देख आरोपियों के हौसले पस्त पड़ गए।
खुद को घिरता देख दोनों आरोपी युवती को छोड़कर तुरंत गाड़ी में बैठे और तेजी से वहां से फरार हो गए। यह पूरा घटनाक्रम—बहस से लेकर भागने तक—किसी स्थानीय व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब जांच के लिए अहम सबूत बन चुका है।
वीडियो वायरल, पुलिस हरकत में
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अपहरण की कोशिश, मारपीट और अवैध हथियार के इस्तेमाल जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की तैयारी में है।
फिलहाल युवती सुरक्षित है, लेकिन इस घटना ने उसके ससुराल और खुद उसे मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया है। परिवार के लोग अब सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं और लगातार पुलिस से संपर्क में हैं।
‘इज्जत’ के नाम पर अपराध
यह घटना सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि उस सोच का आईना है, जहां आज भी प्रेम विवाह को अपराध समझा जाता है। सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि जब व्यक्तिगत फैसलों को परिवार की ‘इज्जत’ से जोड़ दिया जाता है, तब ऐसे टकराव जन्म लेते हैं। कानून भले ही वयस्कों को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार देता हो, लेकिन सामाजिक दबाव और पारिवारिक अहंकार कई बार कानून से भी ऊपर समझ लिए जाते हैं।
समाज के लिए चेतावनी
love marriage kidnapping case दिनदहाड़े हुई यह घटना एक चेतावनी है कि प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों को आज भी खतरे का सामना करना पड़ सकता है, खासकर तब जब परिवार इस फैसले को स्वीकार नहीं कर पाता। सवाल यह भी उठता है कि आखिर कब तक रिश्तों में जबरदस्ती और हिंसा को जायज ठहराया जाता रहेगा?
इस मामले में पड़ोसियों की भूमिका सराहनीय रही, जिन्होंने डर के बजाय साहस दिखाया और एक महिला की जान बचाई। अगर वे समय पर हस्तक्षेप न करते, तो अंजाम कुछ भी हो सकता था।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि आरोपियों के खिलाफ कितनी सख्ती से कानून लागू होता है। साथ ही यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि व्यक्तिगत आजादी और पारिवारिक मान-सम्मान के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।









