10 lakh rupees defrauded in the name of ‘gold purification’ in Jhunjhunu

10 lakh rupees defrauded in the name of 'gold purification' in Jhunjhunu

राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक शातिर व्यक्ति ने तंत्र-मंत्र और काले जादू का डर दिखाकर एक परिवार से करीब 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। खुद को घरेलू बर्तन बेचने वाला साधारण फेरीवाला बताकर घर में घुसा यह आरोपी परिवार की कमजोरियों को भांपता रहा और फिर उन्हें अंधविश्वास के जाल में फंसा लिया। पुलिस ने तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरोपी को मध्य प्रदेश के एक मंदिर से गिरफ्तार कर लिया है।

बर्तन बेचने से शुरू हुई ठगी की कहानी

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब आरोपी झुंझुनूं के एक मोहल्ले में बर्तन बेचने के बहाने पहुंचा। वह घर-घर जाकर बातचीत करता, लोगों का विश्वास जीतता और उनके पारिवारिक हालात को समझने की कोशिश करता था। इसी दौरान उसकी नजर एक ऐसे परिवार पर पड़ी, जो हाल के दिनों में कुछ निजी परेशानियों से गुजर रहा था।

आरोपी ने बातचीत के दौरान बेहद चालाकी से परिवार के सदस्यों से उनके जीवन में चल रही दिक्कतों के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद उसने माहौल को गंभीर बनाते हुए दावा किया कि घर पर “काली छाया” है और इसी वजह से परिवार को लगातार नुकसान और परेशानी झेलनी पड़ रही है।

काले जादू और डर का सहारा

आरोपी ने परिवार को यकीन दिलाया कि उनके घर में मौजूद सोना और नकदी “अशुद्ध” हो चुकी है और जब तक उसका शुद्धिकरण नहीं किया जाएगा, तब तक संकट टलने वाला नहीं है। उसने तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ का हवाला देते हुए कहा कि अगर तुरंत विशेष अनुष्ठान नहीं किया गया, तो परिवार को और बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

डर और अंधविश्वास में घिरे परिवार ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। आरोपी ने उनसे घर में मौजूद सोने के गहने और नकदी एक जगह इकट्ठा करने को कहा, ताकि वह विशेष पूजा कर सके।

हाथ की सफाई और गायब हो गया ठग

पुलिस की जांच में सामने आया है कि तथाकथित पूजा के दौरान आरोपी ने हाथ की सफाई दिखाते हुए असली सोने और नकदी को नकली पैकेट से बदल दिया। उसने परिवार को सख्त हिदायत दी कि पूजा पूरी होने के बाद कुछ दिनों तक उस पैकेट को न खोला जाए, वरना पूजा निष्फल हो जाएगी और अनहोनी हो सकती है।

आरोपी पूजा पूरी होने का नाटक कर वहां से निकल गया। कुछ दिन बाद जब परिवार ने पैकेट खोला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पैकेट में सोने और पैसों की जगह पत्थर और बेकार सामान भरा हुआ था। तब तक आरोपी झुंझुनूं छोड़कर फरार हो चुका था।

पुलिस जांच और गिरफ्तारी

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवार ने झुंझुनूं पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

लगातार पीछा करने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मध्य प्रदेश में छिपा हुआ है और एक प्रसिद्ध मंदिर के आसपास देखा गया है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मंदिर परिसर से आरोपी को धर दबोचा।

पुलिस के मुताबिक—

  • ठगी की कुल रकम: करीब 10 लाख रुपये (सोना व नकद)
  • ठगी का तरीका: फेरीवाले के रूप में घरों में प्रवेश, डर और अंधविश्वास का इस्तेमाल
  • मौजूदा स्थिति: आरोपी पुलिस हिरासत में, पूछताछ जारी

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले अन्य जिलों या राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।

आम लोगों के लिए चेतावनी

Jhunjhunu gold purification scam इस मामले के बाद झुंझुनूं पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि ठग अक्सर साधारण पेशों की आड़ लेकर घरों में घुसते हैं और फिर लोगों की निजी समस्याओं का फायदा उठाकर उन्हें अंधविश्वास में फंसा देते हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति जो तंत्र-मंत्र, चमत्कार या “समस्या खत्म करने” के नाम पर पैसे या गहने मांगे, उससे सावधान रहें। किसी अनजान व्यक्ति को घर में बुलाने से पहले पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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