एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जो किसी अपराध थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसी लगती है, लेकिन हकीकत में समाज को झकझोर देने वाला सच है। शहर की एक प्रतिष्ठित स्कूल की महिला प्रिंसिपल को पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने पति की कथित प्रेमिका—जो पेशे से नर्स है—की हत्या के लिए एक व्यक्ति को सुपारी दी थी। यह व्यक्ति खुद को CID का वरिष्ठ अधिकारी बताकर महिला को अपने जाल में फंसाने में कामयाब रहा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला निजी रिश्तों में आए तनाव, धोखे और बदले की भावना से जुड़ा हुआ है, जिसने एक शिक्षिका को अपराध की राह पर धकेल दिया।
टूटता रिश्ता और बढ़ता तनाव
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी प्रिंसिपल की शादीशुदा जिंदगी पिछले कुछ समय से गंभीर तनाव से गुजर रही थी। उसे अपने पति के एक स्थानीय नर्स के साथ अवैध संबंध होने का शक था। यही शक धीरे-धीरे उसके मन में गहरी कड़वाहट और गुस्से में बदलता चला गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने इस रिश्ते को लेकर कई बार पति से बात करने की कोशिश की, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते चले गए। कानूनी रास्ता अपनाने या पारिवारिक स्तर पर समाधान निकालने के बजाय, उसने कथित तौर पर अपनी “प्रतिद्वंद्वी” को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खतरनाक फैसला कर लिया।
खुद को CID अफसर बताने वाला शख्स
इस पूरी साजिश में मोड़ तब आया, जब प्रिंसिपल की मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से कराई गई, जिसने खुद को अपराध जांच विभाग (CID) का वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि वह इस तरह के “संवेदनशील मामलों” को चुपचाप निपटाने में माहिर है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी झूठी पहचान और रुतबे का फायदा उठाकर महिला का भरोसा जीत लिया। उसने यह भरोसा दिलाया कि वह बिना किसी शक या कानूनी पचड़े के नर्स को “हटा” सकता है। इसी दौरान हत्या की सुपारी तय हुई और कथित तौर पर पैसों की बात भी हुई।
समय रहते खुली साजिश
हालांकि यह साजिश अपने अंजाम तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस को किसी स्तर पर इस पूरे मामले की भनक लग गई। गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर जांच एजेंसियों ने प्रिंसिपल और खुद को CID अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के बीच हुई बातचीत पर नजर रखनी शुरू की।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य डिजिटल सबूतों ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया। पूछताछ के दौरान प्रिंसिपल कथित तौर पर टूट गई और उसने अपने पति के अफेयर से जुड़ी पीड़ा और गुस्से की बात कबूल की।
दोहरी साजिश का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि खुद को CID अधिकारी बताने वाला व्यक्ति असल में कोई सरकारी अफसर नहीं था। वह पहले से ही धोखाधड़ी और ठगी के मामलों में शामिल रह चुका था और लोगों को फर्जी पहचान के जरिए फंसाने का आदी था।
इस तरह यह मामला सिर्फ हत्या की साजिश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सरकारी अधिकारी की नकल कर ठगी करने का एक और गंभीर पहलू जुड़ गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस व्यक्ति ने पहले भी इसी तरह के मामलों में लोगों को फंसाया है।
कानूनी शिकंजा और धाराएं
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें हत्या की साजिश रचना, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करना शामिल है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या सुपारी की कोई रकम दी जा चुकी थी या यह सौदा अभी शुरुआती चरण में ही था।
इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी, जिसने दोनों की मुलाकात कराई या साजिश को आगे बढ़ाने में मदद की।
शिक्षा जगत में सन्नाटा
School Principal Murder Plot Case इस घटना के सामने आने के बाद शिक्षा जगत में भी गहरा सदमा है। जिस महिला को एक जिम्मेदार शिक्षिका और अनुशासित प्रशासक के रूप में जाना जाता था, उस पर लगे आरोपों ने कई लोगों को हैरान कर दिया है।
स्कूल से जुड़े लोग और अभिभावक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि निजी जीवन में उपजा तनाव किस तरह एक व्यक्ति को इतना बड़ा अपराध करने के लिए मजबूर कर सकता है।









