राजस्थान रोडवेज की एक बस में ड्यूटी पर तैनात कंडक्टर के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने दो स्थानीय युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना न केवल रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में बढ़ते विवादों की चिंता को भी उजागर करती है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला उस समय सामने आया जब राज्य परिवहन की बस में सवार एक कंडक्टर का दो यात्रियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
बस में कैसे शुरू हुआ विवाद
कंडक्टर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, बस के भीतर टिकट या अन्य संचालन संबंधी बातों को लेकर दो यात्रियों से बहस हुई थी। शुरुआत में मामला सामान्य तकरार तक सीमित था, लेकिन कुछ ही पलों में दोनों आरोपियों ने कंडक्टर के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
कंडक्टर का आरोप है कि दोनों व्यक्तियों ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि उसके साथ शारीरिक मारपीट भी की। इस दौरान बस में मौजूद अन्य यात्री दहशत में आ गए और कुछ देर के लिए बस का संचालन पूरी तरह बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया था कि यात्रियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
सरकारी कार्य में बाधा का आरोप
पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराएं लगाई हैं। एफआईआर में स्पष्ट किया गया है कि आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी कर्मचारी को उसके कार्य करने से रोका। यह कृत्य भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस द्वारा दर्ज धाराओं में शामिल हैं—
- सरकारी सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
- स्वेच्छा से चोट पहुंचाना
- राजकार्य में बाधा डालना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोडवेज कंडक्टर न केवल एक कर्मचारी है, बल्कि वह उस समय सार्वजनिक सेवा का निर्वहन कर रहा था। ऐसे में उसके साथ की गई हिंसा को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
यात्रियों के बयान दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने बस में मौजूद अन्य यात्रियों और रोडवेज स्टाफ के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन बयानों के आधार पर घटना का क्रम स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
कुछ यात्रियों ने बताया कि विवाद के कारण बस कुछ देर तक सड़क पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। वहीं, कई लोगों ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन में सफर करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब राजस्थान रोडवेज कर्मचारी संगठनों द्वारा लगातार सुरक्षा की मांग की जा रही है। यूनियन का कहना है कि आए दिन कंडक्टरों और ड्राइवरों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन हर बार सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।
रोडवेज यूनियन से जुड़े कुछ पदाधिकारियों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ेगा। उन्होंने मांग की है कि बसों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
उदयपुरवाटी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ हिंसा और राजकार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे समाज में यह संदेश जाएगा कि कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है।
प्रशासन का सख्त रुख
Udaipurwati Roadways Conductor Assault Case स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आगे रणनीति बनाई जाएगी।
फिलहाल, मामले में जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए केवल नियम ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है।









