गुजरात में एक बड़े आपराधिक खुलासे के तहत पुलिस ने एक सुनियोजित हत्या की साजिश को फेल कर दिया है। पुलिस ने छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिन्हें कथित रूप से एक प्रमुख महिला डॉक्टर की हत्या के लिए हायर किया गया था। आरोपियों में अनुबंधित हत्यारे (Contract Killers) भी शामिल थे, जिन्होंने पहले ही अपनी योजना के तहत पीड़िता का अनुसंधान कर लिया था।
मामले की गंभीरता इस बात से पता लगती है कि आरोपियों ने हत्या की तैयारी के लिए पहले ही ₹1 लाख की अग्रिम राशि ले ली थी, जबकि कुल अनुबंध राशि ₹15 लाख तय की गई थी। पुलिस की समय पर कार्रवाई ने डॉक्टर की जान बचा ली और संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
साजिश का पर्दाफाश
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह साजिश पूरी तरह से “मर्डर-फॉर-हायर” योजना पर आधारित थी। आरोपी पहले ही पीड़िता की दिनचर्या और दैनिक गतिविधियों का अध्ययन कर चुके थे। उन्होंने डॉक्टर के घर, अस्पताल और अन्य नियमित स्थानों पर निगरानी रखी थी ताकि हमला करते समय कोई गलती न हो।
जांच में यह भी सामने आया कि अपराधियों ने अपने काम के लिए पैसे की अग्रिम राशि ले ली थी, जिससे योजना की गंभीरता और ठोस होने का पता चलता है। पुलिस ने बताया कि अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो यह हत्या निश्चित रूप से हो सकती थी।
पुलिस का कहना है कि यह मामला आधुनिक आपराधिक नेटवर्क और व्यक्तिगत विवादों के बीच की खतरनाक कड़ी को उजागर करता है। ऐसे मामलों में अनुबंधित हत्यारे निजी असहमति या विवाद को भी घातक परिणाम तक ले जा सकते हैं।
छह आरोपी गिरफ्तार
जासूसी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार समूह में हत्यारों के अलावा उस व्यक्ति को भी शामिल माना जा रहा है जिसने हत्या की साजिश रची थी और उसे पूरा करने के लिए पैसे दिए थे।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:
- मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड)
2-6. चार हत्यारे और एक सहायक, जो योजना में शामिल था
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी समय पर हुई, वरना यह हत्या निश्चित रूप से हो सकती थी। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस साजिश की गहराई और पीड़िता के साथ आरोपी का रिश्ता पता लगाने में जुटी है।
मामले की जांच और मोटिव का पता
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि इस हत्या की योजना किसने बनाई और इसका उद्देश्य क्या था। इसके अलावा आरोपी और पीड़िता के बीच किसी प्रकार का पूर्व विवाद या आर्थिक/व्यक्तिगत हित भी जांच के दायरे में हैं।
पुलिस ने कहा कि यह जाँच पूरी तरह से खुफिया जानकारी पर आधारित थी और समय पर की गई कार्रवाई ने एक बड़े अपराध को रोका। अब पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और सभी जुड़े लोगों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।
संगठित अपराध और व्यक्तिगत विवाद
Gujarat Murder Plot इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि व्यक्तिगत विवाद कितने खतरनाक रूप ले सकते हैं जब इसमें संगठित अपराध शामिल हो। अनुबंधित हत्यारे (Contract Killers) और पैसे के लालच में शामिल अपराधी किसी भी परिस्थिति में हत्या को अंजाम दे सकते हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय पर खुफिया सूचना और पुलिस की सतर्कता ही किसी भी संभावित त्रासदी को रोक सकती है। यही कारण है कि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी गिरफ्तार किए और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की।









