स्थानीय इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब कचरे के ढेर में एक दो दिन की नवजात बच्ची का शव मिलने की खबर फैली। मासूम की मौत जिस तरह से हुई और जिस तरह उसे फेंका गया, उसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पुलिस अब इस दर्दनाक घटना की तह तक पहुँचने में जुटी है और दोषी को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
घटना से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल
यह दिल दहला देने वाली घटना हाल ही में सामने आई, जब कुछ लोगों ने कचरे में एक छोटे से कपड़े में लिपटा बच्ची का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मासूम की उम्र महज़ दो दिन बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी छोटी बच्ची को इस तरह फेंक देना मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य है। घटना स्थल पर भीड़ इकट्ठा हो गई और सभी के चेहरे पर हैरानी और दुख साफ झलक रहा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया दर्दनाक सच
शव को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट ने इस मामले को और भी भयावह बना दिया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की मौत गला दबने (asphyxiation) से हुई है।
एक डॉक्टर ने बताया कि,
“परीक्षण के दौरान बच्ची की गर्दन पर कपड़े का एक हिस्सा—संभवत: किसी दुपट्टे, शॉल या चुनरी का अंश—कसा हुआ मिला। इससे स्पष्ट है कि उसकी हत्या की गई है।”
डॉक्टरों ने साफ कहा कि मौत किसी दुर्घटना का परिणाम नहीं बल्कि स्पष्ट रूप से हत्या (homicide) है।
कचरे में फेंककर छुटकारा पाने की कोशिश?
क्रूरता की हद तो तब पार हो गई जब मासूम का शव पोस्टमार्टम से पहले मिले सबूतों के आधार पर यह सामने आया कि हत्या के बाद उसे कचरे में फेंक दिया गया था।
किसने, क्यों और कैसे ऐसा किया—यह अब भी एक बड़ा सवाल है।
पुलिस के मुताबिक, किसी ने जानबूझकर बच्ची को मारकर कचरे में डालने की कोशिश की, जिससे कोई उसकी पहचान न कर सके या घटना के बारे में पता न चल सके।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया, जांच तेज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। टीमें इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आसपास लगे CCTV कैमरों और स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सकेगा।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया:
“हम बच्ची के माता-पिता का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही यह भी जानने की कोशिश है कि हत्या में उनकी कोई भूमिका है या किसी और ने यह घिनौना कृत्य किया है।”
पुलिस आसपास के अस्पतालों, क्लीनिकों और दाइयों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि पिछले 2–3 दिनों में कहीं कोई जन्म हुआ हो तो उसकी जानकारी मिल सके।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया—दुःख और गुस्सा दोनों
इस घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। लोग इसे मानवता के खिलाफ सबसे बड़ी क्रूरता बता रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को सख्त से सख्त सज़ा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
महिलाओं ने विशेष रूप से इस घटना पर नाराज़गी व्यक्त की है, क्योंकि एक नवजात बच्ची के साथ ऐसा व्यवहार समाज की मानसिकता पर भी सवाल उठाता है।
कानून विशेषज्ञों की राय
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपी की पहचान हो जाती है तो उस पर हत्या, सबूत मिटाने का प्रयास और नवजात को परित्याग करने जैसी धाराएं लगाई जा सकती हैं, जिनमें कठोर सज़ा का प्रावधान है।
कुछ सामाजिक कार्यकर्ता भी सामने आए हैं जो मांग कर रहे हैं कि प्रशासन को ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए और नवजात परित्याग रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
समापन: न्याय की उम्मीद और कठोर कार्रवाई की मांग
Newborn Murder Case दो दिन की मासूम बच्ची की हत्या और उसके बाद कचरे में फेंका जाना न सिर्फ एक अपराध है बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर गहरा आघात है।
पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार जांच कर रही है, और आम जनता को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी कानून के शिकंजे में होगा।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस को बताएं।
मासूम के लिए न्याय मिलना इस समाज और कानून दोनों की ज़िम्मेदारी है।









