चिरावा कस्बे में एक निजी स्कूल के शिक्षक की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन अब परिवार ने इसे संदिग्ध बताते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक के ससुर ने पुलिस से मामले की गहन व निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसके बाद यह घटना अचानक चर्चा का विषय बन गई है।
घटना जिसने पूरे कस्बे को हिला दिया
जानकारी के अनुसार, निजी स्कूल में पढ़ाने वाले इस शिक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शुरुआती रिपोर्टों में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार का कहना है कि कई ऐसे पहलू हैं जो इस निष्कर्ष को कमजोर करते हैं और घटना पर नए सवाल खड़े करते हैं। मृतक के ससुर का आरोप है कि मौत के हालात सामान्य नहीं थे और मामले की तह तक पहुँचना बेहद ज़रूरी है।
परिवार का यह भी कहना है कि मृतक के मन में किसी तरह की निराशा या अपने जीवन को समाप्त करने की प्रवृत्ति नहीं थी। उनके मुताबिक, वह स्वभाव से शांत, मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति थे। ऐसे में अचानक इस तरह मौत होना उन्हें हज़म नहीं हो रहा।
ससुर ने पुलिस को सौंपा आवेदन — ‘यह मामला आत्महत्या नहीं लग रहा’
घटना के बाद मृतक के ससुर ने स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि मौत के कई बिंदु संदिग्ध हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के सबूत और मृतक के मोबाइल व अन्य निजी दस्तावेजों की जांच किसी अनुभवी टीम से करवाई जाए।
परिजन का आरोप है कि शुरुआती जांच में जिन पहलुओं को नजरअंदाज किया गया, वे मामले को पूरी तरह बदल सकते हैं। इसी कारण परिवार अब पुलिस से विस्तृत और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस ने तेज की जांच, सभी पहलू खंगाले जा रहे
परिवार की शिकायत व आरोपों के बाद चिरावा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह संवेदनशील मामला है, इसलिए जल्दबाज़ी में कोई नतीजा नहीं निकाला जाएगा। पुलिस अब इसे संदिग्ध मौत के रूप में जांच कर रही है और घटनास्थल के सभी तकनीकी सबूतों का पुनः विश्लेषण किया जा रहा है।
इसके साथ ही पुलिस मृतक के परिवार, स्कूल के स्टाफ, दोस्तों और आसपास के लोगों से बयान ले रही है, ताकि घटना के पहले और बाद की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज और फोन की चैटिंग भी जांच के दायरे में शामिल की गई है।
स्थानीय समुदाय में गहरा दुख और असमंजस
मृतक शिक्षक चिरावा में अपनी सादगी और अच्छे स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके विद्यार्थियों और सहकर्मियों में भी इस मौत को लेकर शोक और भ्रम की स्थिति है। कई लोग मानते हैं कि वह मानसिक रूप से मजबूत और सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति थे, इसलिए यह घटना अचानक और चौंकाने वाली है।
स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पुलिस जांच में हर संभव सहयोग देने की बात कही है।
स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि परिवार को न्याय मिल सके।
परिवार को अब न्याय की उम्मीद
Chirawa teacher suspicious death मृतक के ससुर ने कहा कि जब तक पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल नहीं करती, वे चैन से नहीं बैठेंगे। उनका यह भी कहना है कि अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही हुई, तो वे उच्चाधिकारियों और आवश्यक होने पर कोर्ट तक भी जाएंगे।
परिवार फिलहाल पूरी सच्चाई सामने आने और दोषी (यदि कोई हो) को सजा मिलने की उम्मीद में है।
उनका कहना है कि वह सिर्फ एक सवाल का जवाब चाहते हैं—आख़िर इस मौत के पीछे सच क्या है?









