झुंझुनूं के गुढ़ा गौड़जी में भीषण सड़क हादसा: ट्रक और पिकअप की टक्कर से मचा हड़कंप, चश्मदीदों ने बताया भयावह मंजर

गुढा गौड़जी में ट्रक-पिकअप की भीषण टक्कर — ग्राउंड रिपोर्ट में सुनिए चश्मदीदों की जुबानी

गुढा गौड़जी में ट्रक-पिकअप की भीषण टक्कर — ग्राउंड रिपोर्ट में सुनिए चश्मदीदों की जुबानी

रविवार की शाम करीब 7:45 बजे झुंझुनूं ज़िले के गुढ़ा गौड़जी क्षेत्र में एक खौफनाक हादसा हुआ, जिसने लोगों को दहला दिया। एक पिकअप वाहन, जो तेज़ रफ्तार में चल रहा था, सामने खड़े ट्रक से जा भिड़ा। तेज बारिश और सड़क पर रोशनी की कमी ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया।

चश्मदीद की ज़ुबानी: हादसे की सच्चाई

अरुण नाम के स्थानीय निवासी, जो मौके पर मौजूद थे, बताते हैं, “एक तेज़ धमाके की आवाज़ आई और मैं तुरंत बाहर भागा। वहां देखा कि एक पिकअप सीधा खड़े ट्रक में घुस गया था। तीन लोग पिकअप में फंसे हुए थे। नज़ारा दिल दहला देने वाला था।”

अरुण के मुताबिक, बारिश हो रही थी और इलाके में स्ट्रीट लाइट्स नहीं थीं। ट्रक सड़क के किनारे खड़ा था और पिकअप तेज़ रफ्तार में पीछे से उसमें जा भिड़ी। “तेज़ रफ्तार और अंधेरा – दोनों ने मिलकर यह हादसा करवाया,” उन्होंने कहा।

स्थानीय मदद बनी जीवन रक्षक

हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को निकालने की कोशिश की। अरुण बताते हैं, “लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को कॉल किया, जो 20 मिनट में पहुंच गई। तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।”

उनमें से दो को मामूली चोटें आईं, जबकि तीसरे व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। “जो व्यक्ति पिकअप के बाएं तरफ बैठा था, उसकी स्थिति नाजुक थी और उसे निकालने में काफ़ी मेहनत करनी पड़ी,” अरुण ने बताया।

समस्या सिर्फ एक हादसे की नहीं

यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में ऐसा हादसा हुआ हो। अरुण, जो कि लंबे समय से इस क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, बताते हैं, “यह सड़क बेहद व्यस्त है, और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण लगातार हादसे होते रहते हैं। हमने कई बार प्रशासन से सड़क चौड़ी करने की मांग की है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।”

उनके अनुसार, चार लेन सड़क का निर्माण, बेहतर रोशनी व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण जैसे कदम जरूरी हैं।

स्थानीयों की मांगें और सुझाव

इस हादसे के बाद लोगों ने एक बार फिर प्रशासन से ठोस कदम उठाने की गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • चार लेन सड़क का निर्माण: बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए वर्तमान सड़क को चौड़ा करना ज़रूरी है।
  • बेहतर रोशनी व्यवस्था: हादसे के पीछे सबसे बड़ी वजह अंधेरा और स्ट्रीट लाइट्स की कमी रही।
  • सख्त ट्रैफिक नियम: तेज रफ्तार और लापरवाही को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
  • जन जागरूकता अभियान: लोगों को खासकर भारी वाहनों के चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है।

अरुण कहते हैं, “हमें मिलकर प्रयास करना होगा, न सिर्फ सरकार बल्कि आम जनता को भी सड़क पर ज़िम्मेदारी से व्यवहार करना होगा।”

क्या प्रशासन जागेगा?

इस हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि सड़कें सिर्फ गंतव्य तक पहुँचने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि लोगों की जान भी ले सकती हैं, अगर उन्हें सुरक्षित नहीं बनाया जाए।

अब सवाल यह है कि क्या यह हादसा प्रशासन को जगाने के लिए काफी होगा? क्या अब सड़क सुरक्षा पर वास्तविक और ठोस कदम उठाए जाएंगे?

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